


पारस में अरु संत में, बड़ो अन्तरो जान। वो लोहा कंचन करे, ये कर दे आप समान।। ~कबीर साहब
प्रश्नकर्ता: जैसा कि आप कहते हैं, कि जितना जल्दी हो सके अपने को पूरा अर्पण कर दो, या ख़त्म कर दो, पर यदि इसे समझेंगे और करेंगे, तो अपने अपूर्ण स्थिति

श्रद्धावान् लभते ज्ञानं तत्पर: संयतेन्द्रिय: | ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति || ४, ३९ || जितेन्द्रिय, साधनापरायण और श्रद्धावान मनुष्य ज्ञान को प्राप्त होता है तथा ज्ञान को प्राप्त होकर वह बिना विलम्ब के तत्काल ही भगवत्प्राप्तिरूप शान्ति को प्राप्त हो जाता है। —श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय ४, श्लोक ३९प्रश्नकर्ता: आचार्य जी,…

◾ एक ही जाति होती है - वह है "बल"। बल विकसित करो अपने भीतर।
◾ आत्मा का इस पूरे देह व्यापार से कोई लेना देना ही नहीं।
◾ मिथ्याचारी वह है जो आगे के लालच में अच्छा काम करता है।
◾ आत्मा का विकृत सिद्धांत ही भारत की दुर्दशा…

यदा नाहं तदा मोक्षो
यदाहं बन्धनं तदा।
मत्वेति हेलया किंचिन्-
मा गृहाण विमुंच मा॥८- ४॥
अनुवाद: जब तक 'मैं' या 'मेरा' का भाव है तब तक बंधन है, जब 'मैं' या 'मेरा' का भाव नहीं है तब मुक्ति है। यह जानकर न कुछ त्याग करो और न कुछ ग्रहण ही…

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, जैसे मैं पहले किसी सत्संग में जाती थी, वहाँ पर कुछ बातें बतायी जाती थीं। अष्टावक्र गीता पर आपने बताया कि आज यहाँ पर उसकी उपयोगिता नहीं है। और अष्टावक्र जी ने जैसे बताया है कि ब्रह्म-ही-ब्रह्म है, आत्मा-ही-आत्मा है। तो अभी कुछ दिन पहले मैं अपने…

अभी एक पिक्चर देखी ‘छिछोरे’, आईआईटी बॉम्बे पर आधारित है वो। कैंपस में चालीस लड़कों पर एक लड़की है। लेकिन वो जो लड़की है उसका कहानी में जो कुल योगदान है वो यही है कि वो सुंदर-सुंदर है और सब लड़के उसके पीछे पड़े हैं।
तो पूरी कहानी में लड़कों…

अजीब सी स्थिति यह है कि एक साधारण दिखने वाली लड़की से शायद ज़्यादा मुश्किल है एक सुंदर लड़की की ज़िंदगी, क्योंकि उसके खरीददार बहुत ज़्यादा हैं और उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। और यह जो तुमको मिल जाएगा न अपनी सुंदरता के कारण, यही नर्क है तुम्हारा। तुमको लगेगा,…

तुम्हारे सामने पहलवान खड़ा हो लड़ाई के लिए, और तुम उस वक़्त कहो कि, “मैं अब ज़रा दंड-बैठक करता हूँ, शरीर बनाता हूँ”, तो तुम पिटोगे ही नहीं, बहुत बुरी तरह पिटोगे!
एक सज्जन थे, उन्हें सलाह दी गई थी कि, ‘साहब! आपका कॉलेस्ट्रॉल बहुत बढ़ गया है, तो आप…

नकली चीज़ों का बाज़ार देखो, कई बार असली वस्तु से ज़्यादा गर्म होता है। और जो ख़रीदने वाले हैं वह जानते हैं कि मामला नकली है पर ख़रीदते हैं। भारत में रे-बैन के असली चश्मे कितने बिकते हैं, मुझे नहीं पता, नकली घर-घर में हैं। और ऐसा थोड़े-ही है कि…

चेतना ना बचे उसके बाद देह का हश्र भी देखा है? दो दिन पुराना मुर्दा भी देखा है, कैसा हो जाता है? यह है इस देह की औक़ात। बड़ी सुंदरता निखारते फिरते हो! यह जितने प्रेमी घूम रहे हैं, देह के, यह पास आने से घबराएँगे।
मर जाओगे उसके ४…

दूसरे आपका हाथ मरोड़ रहे हैं, समझिए क्यों। क्योंकि आप हाथ मरोड़वाने के लिए तैयार खड़े हैं।
धोखा एक बार हो सकता है न, बार-बार हो तो इसका क्या मतलब है? कोई व्यक्ति आपके साथ एक बार दुर्व्यवहार कर गया, ठीक। बार-बार कर रहा है, क्या मतलब है इस बात…

आप खाना खा रहे हों, कोई आ जाए कहे, “खाना दे दो।“ आप उसको आधा भी मत दीजिए, पूरा ही दे दीजिए। पर कोई आ करके आपसे आपकी आज़ादी ही माँगने लग जाए तो इतनी-सी भी मत दीजिएगा। थाली और आज़ादी में कुछ तो अंतर होगा।
आपके पास चार रोटी…

जितनी ज़िन्दगी जी चुके हैं ये देखा है कैसे पालक झपकते बीत गयी है? अभी स्कूल में थे, कॉलेज में थे, और अभी बच्चे थे आप, यूँ ही मैदान में, गलियों में दौड़-भाग रहे थे। अभी-अभी! ये जो समय बीता है ये कैसे बीता है? ये चुटकी बजाते बीता है।…

हिंदुस्तान में अभी भी दो जगह हैं जहाँ पर लडकियाँ बहुत कम पायी जाती हैं – लड़कियाँ, स्त्रियाँ सब – एक, श्मशान घाट, दूसरा, सत्संग। दोनों ही जगहों पर सच दिख जाता है न, और दोनों ही जगहों पर देह की नश्वरता दिख जाती है न। समाज नहीं चाहता है…

हर आदमी अपनी नज़र में नाकाम आशिक़ बन कर घूम रहा है। बहुतों का तो ब्रेकअप तब हो जाता है जब उनका कोई अफ़ेयर भी नहीं था। कहो, “क्यों इतने उदास हो?” “ब्रेकअप हो गया है!” तेरा अफ़ेयर कब था भाई? पर ब्रेकअप में जो रुहानी आनंद है वो तो …

ये खिसिआना, ये चिढ़चिढ़ाना, ये तनाव, ये खींझ, ये क्रोध, ये उदासी, ये सूनापन, ये भाव कि ‘जीवन ने हमारे साथ अन्याय किया है, हम शोषित हैं, हम शिकार हैं’, ये क्या कर रहा है हमारे साथ? कहीं का छोड़ रहा है हमको? और क्या हम सब इसी भाव में…

जिसने तुमको चोट पहुँचाई उसने तुमको इसीलिए चोट पहुँचाई न कि तुम्हें वो चोट पहुँचाए और तुम आंतरिक रुप से आहत हो जाओ? तो दुश्मन को तुम्हारा करारा-से-करारा जवाब क्या हो सकता है? उसके उद्देश्य को पूरा मत होने दो।
वह सोच रहा था कि वो तुमको गाली दे देगा…

तुम बहुत चीज़ों को लेकर परेशान हो, ज़िन्दगी के तमाम झंझट हैं, ये है, वो है और लग गए एक गेम (खेल) खेलने। अब वो जो गेम खेल रहे हो तुम वो नशे की तरह तुम्हें थोड़ी देर के लिए भुलवा देगा कि तुम कितने परेशान हो।
पर कोई भी…

हवाई जहाज का टिकट बुक कराना है और आपका नाम है ‘अमित’ तो आपको 'AMIT' ही लिखना होगा। 'अमित' लिखकर आप हवाई जहाज में यात्रा करके दिखा दीजिए।
आप कह दीजिए कि, “'अ मि त' नाम है मेरा”, तो आप हवाई जहाज में यात्रा नहीं कर पाएँगे।
ट्रेवल बुकिंग, …

दुनिया के बाप रहो! ना सिर्फ़ तुम्हें चोट नहीं लगनी चाहिए बल्कि तुम में इतनी करुणा होनी चाहिए कि मारने वाले से भी पूछो, “हाथ तो नहीं टूट गया तेरा?”
पहली बात तो फ़ौलाद जैसा होना चाहिए तुमको कि कोई तुम्हें मार भी रहा है तो तुम्हें कुछ नहीं हो…

हम छुपे हुए दर्द में जीनेवाले लोग हैं, पूरी दुनिया के सब लोग हैं, छुपे हुए दर्द में ही जी रहे हैं। यह सब जो हँसते हुए, मुस्कुराते हुए लोग तुमको चारों ओर दिख रहे हैं, यह हँस-मुस्कुरा सिर्फ़ इसलिए रहे हैं क्योंकि इन्हें अपनी छाती का दर्द का कुछ…

अजीब सी स्थिति ये है कि एक साधारण सी दिखनेवाली लड़की से शायद ज़्यादा मुश्किल है एक सुंदर लड़की की ज़िंदगी। क्योंकि उसके खरीददार बहुत ज़्यादा हैं, और उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। और यह जो तुमको बहुत कुछ मिल जाएगा न अपनी सुंदरता के कारण, यही नर्क है तुम्हारा।…

किसी ने आपसे पूछा, “अरे! तुमने मुझे पाँच दिन से फ़ोन नहीं किया, तुम्हें मेरी याद नहीं आयी?” आप कहते हैं, “अगर मैं इसको सच बता दूँ तो इस बेचारे के दिल को चोट लगेगी, ये दुख जाएगा।“ तो आप कहते हैं, “नहीं याद तो बहुत आयी, वो नेटवर्क नहीं…

जो भी लोग जीवन में तरक़्क़ी करने को उत्सुक हों, उनको एक बहुत छोटी सी बात बताए देता हूँ। सीढ़ी है, बस जो सामने पायदान है उसपर नज़र रखना। यह कोशिश तो करना ही नहीं कि ऊपर देख रहे हो, कि वह जो बिलकुल आख़िरी तल्ला है सीधे उसपर छलाँग…

तुम मुझे एक आदमी दिखा दो जो इन दोनों कामों के अलावा कोई तीसरा काम करता हो। आम व्यक्ति का सारा जीवन इन्हीं दो कामों में जा रहा है कि नहीं? पहला, ठूसना – और मैं सिर्फ़ मुँह से ठूसने की बात नहीं कर रहा, जेब में ठूसना, आँख में…

बहुत तकलीफ़ हो रही है मुझे यह कहते हुए कि हमारे देश का औसत नौजवान, औसत लड़का, औसत लड़की एक अब औसत पॉर्नस्टार बन चुका है। और बहुत ज़िम्मेदारी के साथ मैं यह बात बोल रहा हूँ। और मैं कुछ गिने-चुने पॉर्नस्टार्स की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं इस…

बहुत मोटी मार पड़ती है ठीक तब जब तुम्हें ज़रा भी अंदेशा नहीं होता कि मार खाने वाले हो। माया भी कोई छोटी-मोटी खिलाड़न थोड़े ही है। बेहोशों को छोड़ देती है, वह कहती है, “यह तो पहले ही गिरा हुआ है इसको क्या गिराएँ? शू!” वह भी पसंद करती…

यह जो सड़क पर आदमी चलता है न, जिसको तुम 'कॉमन मैन' (आम आदमी) बोलते हो, उसकी शक्ल ध्यान से देखो; वो तुम हो। और अगर वैसा ही हो जाना है तो फिर कोई बात नहीं। बिलकुल तयशुदा कहानी है, उसमें कोई बड़े उतार-चढ़ाव नहीं हैं। उस कहानी…

तुम जंगल में शेर को हिरण का शिकार करके खाते देखते हो तो तुम्हारा दिल टूट जाता है क्या? बुरा लगता भी होगा तो थोड़ा-बहुत, क्योंकि जानते हो कि ये तो जंगल है यहाँ तो ये होना-ही-होना है। तो जंगल में तुम्हें बुरा नहीं लगेगा।
लेकिन एक शहर की गलियों…

ये जो तुमको ताक़त दी जाती है जवानी में, ये इसलिए है कि इसका इस्तेमाल कर लो और उड़ जाओ। इस्तेमाल नहीं करोगे तो सज़ा ये मिलेगी कि अस्सी साल जीयोगे। अस्सी साल जीने से ज़्यादा भयानक कोई सज़ा हो सकती है? अस्सी चुसे हुए साल और हर बीतते साल…

जब शरीर का कोई हिस्सा बड़ी माँग करने लगे किसी भी तरीके से, पेट माँग करता है कि, ‘मुझे भोजन दो’, कहीं दर्द हो गया तो वो जगह माँग करती है कि, ‘मुझे आराम दो, दवा दो।‘
कामोत्तेजना चढ़ने लगी तो जननांग माँग करते हैं कि, ‘हमपर ध्यान दो’, तो…

ज़िंदगी में इतनी बड़ी चुनौती अपनाकर तो देखो कि वो तोड़ ही डाले तुम्हें, और फिर पाओगे तुम कि टूटने के बाद भी बचे हो। कुछ है तुम्हारे भीतर जो ऐसा जुड़ा हुआ है कि टूटता नहीं। सबकुछ टूटने के बाद जो बचा रहता है वो असली है। उसका कुछ…

इतनी बड़ी भारी तुम्हारे साथ त्रासदी हो गई कि तुम आत्महत्या की सोचने लग गईं? तुम्हारा जीवन इतना फ़िज़ूल है? एक फ़िज़ूल आदमी तुम्हारी ज़िंदगी में आता है तुम्हारे साथ कुछ फ़िज़ूल की हरकतें करता है और तुम आँसुओं में डूबी हुई हो कि, “अरे! मैं डिप्रेस्ड हो गई” तुम्हें…

मैं तो ऐसा भी सुन चुका हूँ कि, ”सर मेरी गर्लफ़्रेंड मुझे छोड़ कर चली गई।“ क्यों? “वो मैं हफ़्ते भर से रात को गीता के श्लोक फॉरवर्ड किया करता था व्हाट्सएप पर, वो चाहती थी कि मैं कुछ और भेजूँ उसको रात में होटम-हॉट। मैंने भेज दिए गीता के…

प्रश्नकर्ता: ज़िंदगी में कोई प्रिय है, जिसे हम बहुत ज़्यादा चाहते हैं, उसे हम खो देते हैं – तो वो अच्छा कैसे हो सकता है फिर? आचार्य प्रशांत: वो आपको बताएगा कि आपको जो दुःख हो रहा है, वो आपके प्रिय के साथ आपका जो रिश्ता था, उसकी अपूर्णता का…

मैं वनडे(एक दिवसिय) देखता नहीं, टी-२० देखता नहीं, मैं सिर्फ़ टेस्ट मैच देखता हूँ; वह भी तब जब भारत जाता है – वो ही जो सेना कंट्रीज़ हैं चार, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया – और उसमें भी तब देखता हूँ जब टीम की हालत बिलकुल ख़राब हो, क्योंकि…

अगर यही बात है कि काम चुनना है कि, “काम क्या करें?” वह काम चुनो जिसमें तुम सबसे कमज़ोर हो। लेकिन अगर ऐसा काम चुनोगो तो तनख्वाह भी कम मिलेगी तो अधिकांश लोग वह काम चुनते हैं जिसको बोलते हैं, ‘मेरी स्ट्रेंथ (शक्ति)।‘ जबकि आध्यात्मिक दृष्टि से देखो तो तुम्हें…

कोई नहीं किसी पर चिल्ला सकता, कोई नहीं किसी पर हक़ जमा सकता, कोई नहीं किसी पर हाथ उठा सकता, आप ने कभी-न-कभी अधिकार उसको दिया है, और अधिकार तो हमेशा खरीदा ही जाता है। उसने अधिकार खरीदा है आपसे कुछ आपको दे करके। कुछ अधिकार ऐसे होते हैं जो…

तुम वही हो न जो रात में टिकटॉक पर बैठते हो और दो घण्टे लगा देते हो सोने से पहले? ये तुम्हारे समय की कीमत है! तुम्हारे समय की कीमत होती, तो तुम सोशल मीडिया पर इतना समय कैसे लगा रहे होते? तुम्हारे समय की कीमत होती तो तुम अपने…

दुनिया अगर ताक़त की भाषा समझती है तो ताक़त अर्जित करो। दुनिया अगर पैसे की बात सुनती है तो पैसा होना चाहिए तुम्हारे पास। हाँ, शर्त बस एक है कि तुम्हारी बात सदा सच्ची रहे। यह ना हो कि पैसा आ गया तो बात में झूठ आ गया।
जितना तुम्हारी…

मैं जितने भी कपटी लोगों से मिलता हूँ, उनकी धूर्तता की कोई सीमा नहीं। उनका दिमाग चल रहा है। वो महत्वकांक्षी हैं। वो कुछ भी कर दिखाने को तैयार हैं। उनमें ऊर्जा पूरी है, वो दुनिया पर छा जाने के लिए हौसला रख रहे हैं। उनका आत्मविश्वास देखो!
और मैं…

माया एक औसत ज़िंदगी का नाम है।
उफ्! कैसे पकड़ोगे?
द एवरेज लाइफ़!
माया, वो चेहरा है जिसमें कुछ खास नहीं। तुम उसे याद ही नहीं रख सकते, इतना साधारण चेहरा है माया। माया जीवन के उन दिनों, उन घण्टों, उन हफ़्तों, उन पलों का नाम है जिनमें कुछ खास…

जो लोग दस दरवाज़ों पर खटखटा रहे होते हैं न उन बेचारों की त्रासदी यही होती है, वह ऐसे होते हैं जैसे कि कोई दस जगह गड्ढा खोदे।
यह ग्रंथों का अपमान है कि उनको एक बार पढ़ कर के किनारे रख दो। “मैंने गीता पढ़ ली!” कि, “मैंने बाइबल…

जो लोग ग़लत राह पर चल रहे हों, और सफल आदि होते दिखाई देते हों, समृद्ध होते दिखाई देते हों, मौज मारते दिखाई देते हों, उनको देख कर कभी मन छोटा मत कीजिएगा। उनकी सफलता, उनकी समृद्धि, उनकी मौज बहुत सतही है। अंदर-ही-अंदर महा दुःख है उनमें। उनके लिए प्रार्थना…

जिसके हाथ में ताक़त नहीं, वो बस उपभोग की वस्तु होगा। आदमी कहाँ से निकला है? जंगल से। और जंगल में प्रेम नहीं होता। जंगल में शिकारी होता है, और शिकार होता है। या जंगल में हीर-राँझा होता है? जो बाहुबल में ऊँचा हो वो क्या हो जाएगा? शिकारी। जो…

अभी मर जाओ तो तुम्हारी देह को लोग कहेंगे, “वह मिट्टी रखी है, मिट्टी।“ यह हैसियत है हमारी गंभीरता की। यह भी नहीं कहेंगे कि, “वह नवीन रखा है”, क्या कहेंगे? “मिट्टी रखी है; वह मिट्टी।“ और जब तक साँस चल रही है तब तक बड़े गंभीर हो, “अरे! दर्द-ए-दिल,…

अहंशब्देन विख्यात एक एव स्थित: पर:। स्थूलस्त्वनेकतां प्राप्त: कथं स्याद्देहक: पुमान्।।
“ ‘अहं’ शब्द से प्रसिद्ध परमात्मा एकमात्र स्थित है, अर्थात् वह अनेक तत्वों का संघात नहीं है। फिर जो स्थूल है और अनेक भावों को प्राप्त हो रहा है, वह देह पुरुष कैसे हो सकता है?”
~अपरोक्षानुभूति (श्लोक ३१)…

हरि है खांड रेत मांहि बिखरी, हाथी चुनी न जाई। कहैं कबीर गुरु भली बुझाई, चींटी होय के खाई।। ~ संत कबीर
आचार्य प्रशांत: (प्रश्न पढ़ते हुए) कबीर साहब का एक श्लोक भेजा है, कह रहे हैं कि इसका अर्थ बताएँ। और कहते हैं कि “इन्होंने भी नित्य और अनित्य…