Religion

Dangers on Sanatan Dharma
Dangers on Sanatan Dharma
1 min

A strange situation is that a beautiful woman’s life is perhaps more complex than an average-looking woman’s life, because a beautiful looking woman has a lot of men eyeing upon her, and she can get whatever she wants. And what you will get for your beauty, that is the real

सनातन धर्म क्या है? सनातनी किसे मानें? (पूर्ण सत्र) || आचार्य प्रशांत, कार्यशाला (2023)
सनातन धर्म क्या है? सनातनी किसे मानें? (पूर्ण सत्र) || आचार्य प्रशांत, कार्यशाला (2023)
129 min

प्रश्नकर्ता: नमस्कार, सर। आज का सबसे पहला प्रश्न जो है वह सनातन के ऊपर है कि सनातन माने क्या? और ऐसा क्या है जिसको वास्तविक रूप में सनातन कहा जा सकता है?

आचार्य प्रशांत: देखिए, सनातन का अर्थ होता है वो जो काल की सीमाओं से के बाहर का हो।

(Gita-3) Don't go too far, you may never return || Acharya Prashant, on Bhagavad Gita (2023)
(Gita-3) Don't go too far, you may never return || Acharya Prashant, on Bhagavad Gita (2023)
63 min

सङ्करो नरकायैव कुलघ्नानां कुलस्य च ।। पतन्ति पितरो ह्येषां लुप्तपिण्डोदकक्रिया: ।।1.42।।

saṅkaro narakāyaiva kula-ghnānāṁ kulasya cha patanti pitaro hy eṣhāṁ lupta-piṇḍodaka-kriyāḥ

When the castes mix, that spells hell for the family. It destroys the family, in the way that the ancestors all fall because they are deprived of the Pindokdakriya.

ताज़ा विवाद: क्या सनातन धर्म एक बीमारी है? || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)
ताज़ा विवाद: क्या सनातन धर्म एक बीमारी है? || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)
1 min
Is there Dharma in your life? || Neem Candies
Is there Dharma in your life? || Neem Candies
1 min

What is it that Shri Rama stands for? He stands for detachment. He stands for fearlessness. He stands for compassion. He stands for Dharma.

Is there Dharma really in your life? And by Dharma I do not mean a creed or a cult, or observation of certain rituals, or the

Man needs no God || Neem Candies
Man needs no God || Neem Candies
1 min

Man was never so powerful with respect to his environment as he is today. No virus can harm you; no bacteria can harm you; there are no plagues, no black deaths. You can produce as many objects as you want, you can order them at the click of a button;

हम बड़े अजीब लोग हैं! || नीम लड्डू
हम बड़े अजीब लोग हैं! || नीम लड्डू
1 min

ना ब्रह्म से मतलब, ना गीता से मतलब, ना उपनिषदों से मतलब। अंधविश्वासों से मतलब है, कुट्टू के आटे से मतलब है।

"क्या चबा रही हो भाभी?" कहेंगी, "ये फलाहारी लड्डू हैं।" ये फलाहारी लड्डू कौन-से होते हैं? अब यह धार्मिकता का प्रमाण दिया जा रहा है कि, "हम फलाहारी

Religion cleans or contaminates? ||Neem Candies
Religion cleans or contaminates? ||Neem Candies
1 min

Once I said, your face is smeared with mud, and religion is like pure water meant to be thrown on your face so that you get cleaned up. But when that water hits your face, the water too gets muddy.

Falling on your face, the water has cleared away some

Such a hip name! || Neem Candies
Such a hip name! || Neem Candies
1 min

The fellow’s name was Marthand. ‘Marthand’ means the son. Marthand Kumar became Martin Hawk. We think of this as some kind of a passing fad. No, it is not a passing fad; it points towards something deeper. The fellow is ashamed of his identity. He wants to wear a totally

Two things we need desperately || Neem Candies
Two things we need desperately || Neem Candies
1 min

We need two things: less people and less consumption, and both of them together. Even if one of them is missing, you are gone.

The US has not too many people, just 32 crores are there, and yet they are the biggest carbon emitters in the world because they consume.

धर्म-परिवर्तन बुरा लगता है? || (2021)
धर्म-परिवर्तन बुरा लगता है? || (2021)
12 min

प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी, मेरा एक सवाल है। मैं, जो राष्ट्र के लिए काम करते हैं, ऐसे दो-तीन संगठनों से जुड़ा हूँ। और समाज में जो चल रहा है, सोशल-मीडिया पर चल रहा है, जो कन्वर्ज़न (धर्म-परिवर्तन) का काम चल रहा है ये, उससे न मेरे मन में काफ़ी प्रभाव

हिन्दू खतरे में हैं? || (2021)
हिन्दू खतरे में हैं? || (2021)
44 min

प्रश्‍नकर्ता: नमस्ते आचार्य जी, डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व (वैश्विक हिंदुत्व की समाप्ति) के नाम से अमेरिका में एक कॉन्फ्रेंस हो रही है। बहुत सारे लोगों का ऐसा मानना है कि यह कॉन्फ्रेंस हिन्‍दुओं को बदनाम करने की एक साज़िश है।

इसी विषय में, आपके एनआरआई (प्रवासी भारतीय) श्रोता हैं एक, उनकी

हिन्दू धर्म में जातिवाद का ज़िम्मेवार कौन? || (2021)
हिन्दू धर्म में जातिवाद का ज़िम्मेवार कौन? || (2021)
38 min

का जाति:। जातिरिति च। न चर्मणो न रक्तस्य न मांसस्य न चास्तिनः। न जातिरात्मनो जातिवर्णाधरप्रकल्पिता।।

अनुवाद: शरीर (त्वचा, रक्त, हड्डी आदि) की कोई जाति नहीं होती। आत्मा की भी कोई जाति नहीं होती। जाति तो व्यवहार में प्रयुक्त कल्पना मात्र है।

~ निरालंब उपनिषद (श्लोक क्रमांक १०)

आचार्य प्रशांत: आज

श्राद्ध इत्यादि रस्मों का कुछ महत्व है? || (2019)
श्राद्ध इत्यादि रस्मों का कुछ महत्व है? || (2019)
9 min

प्रश्नकर्ता: प्रणाम आचार्य जी। हमारे विस्तृत परिवार में श्राद्ध करने को बड़ा महत्व दिया जाता है। श्राद्ध के दिनों में पंडित को बुलाकर खाना खिलाना, यज्ञ-वगैरह करना आदि। मैं यह नहीं करती हूँ पर डरती हूँ कि क्या मैं अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध न करके उनके साथ कुछ अनादर

लखुआ भूत ने मॉडर्न ओझा बनकर दही चटाई (हम चाटते गए) || (2021)
लखुआ भूत ने मॉडर्न ओझा बनकर दही चटाई (हम चाटते गए) || (2021)
12 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, आपके हज़ारों वीडियोस हैं यूट्यूब पर, हर वीडियो में आपने किसी-न-किसी तरीके से धर्म या अध्यात्म की ही बात करी है — उपनिषद्, ब्रह्म, धर्म, अध्यात्म, भगवान। ये सब मिलकर भी दुनिया में जो इतना पाप, दु:ख, युद्ध, क्लेश, अवसाद, बलात्कार, हत्या इत्यादि है उसका आजतक खात्मा

The scriptures are all outdated. Shouldn't we revise and edit them? || (2021)
The scriptures are all outdated. Shouldn't we revise and edit them? || (2021)
25 min

Questioner (Q): As our views change with time, shouldn’t the holy texts be open to revision instead of just a new interpretation?

Acharya Prashant (AP): Wonderful. And I’m glad when a young person with all his enthusiastic irreverence, comes up with this kind of a question. The young friend has

Has religion been successful? Is religion of any value?
Has religion been successful? Is religion of any value?
14 min

Questioner (Q): In the previous question, you said that religion is essentially needed in spirituality, but in the name of religion Hindus fight with Muslims, Muslims fight with Hindus. So, why is religion needed?

Acharya Prashant (AP): The recorder you are speaking into will get saturated with your voice soon,

मूर्ति व अन्य धार्मिक प्रतीकों का महत्व
मूर्ति व अन्य धार्मिक प्रतीकों का महत्व
28 min

प्रश्नकर्ता: आखिरी सवाल है। वह यीशु मसीह के शूली चढ़ने को लेकर, उस विषय पर है। सवाल बिलकुल वह नहीं है पर वो जिस परिवेश में है, उस परिवेश के बारे में मैं आपसे जानना चाहूँगा। ईसाईयों में, या जो लोग यीशु मसीह को या ईसाई धर्म को भी मानते

Are Religion and spirituality same?
Are Religion and spirituality same?
9 min

Question (Q): Acharya Ji, what is spirituality? What is the difference between religion and spirituality?

Acharya Prashant (AP): Fundamentally there is no difference, no difference at all, but at a practical level a difference seems to arise and the difference is, that religion assumes an organized shape. Even spirituality can

सनातन धर्म के सामने सबसे बड़ा खतरा क्या?
सनातन धर्म के सामने सबसे बड़ा खतरा क्या?
17 min

प्रश्नकर्ता: सनातन धर्म जिसे हम हिंदू धर्म भी कह देते हैं, उसके सामने सबसे बड़ा खतरा क्या है?

आचार्य प्रशांत: देखो, व्यावहारिक रूप से, धर्म की बुनियाद होते हैं धर्मग्रंथ। आदर्श रूप से पूछोगे तो धर्म की बुनियाद होती है आत्मा। धर्म का मतलब होता है आत्मा के अनुसार चलना

क्यों कहा जाता है, "शरीर मेरा नहीं है"?
क्यों कहा जाता है, "शरीर मेरा नहीं है"?
9 min

I am not the body, nor have I the body

मैं देह नहीं हूँ, न देह मेरी है

अष्टावक्र गीता, (अध्याय-2, श्लोक-22)

प्रश्नकर्ता:पहली लाइन तो बार-बार सुनी भी है और शायद उसके कारण हमें लगता है कि "मैं देह नहीं हूँ" पर जो उसकी अगली लाइन है कि "न

ये तो ब्राह्मण नहीं || (2020)
ये तो ब्राह्मण नहीं || (2020)
16 min

प्रश्नकर्ता: आज शिविर में वज्रसूचिकोपनिषद् का पाठ किया तो जाना कि सचमुच में ब्राह्मण कौन होता है। आजतक लगता था कि ब्राह्मण जन्म या जाति के आधार पर बनते हैं; आज वो धारणा टूट रही है। ब्राह्मण कौन होता है, आचार्य जी? और स्पष्ट करें।

आचार्य प्रशांत: पहले तो मैं

धर्म का क्या अर्थ?
धर्म का क्या अर्थ?
6 min

धर्म का मतलब होता है वह धारणा रखना, जो तुम्हें समस्त धारणाओं से मुक्ति दे दे। तुमने अपने ऊपर यह जितने भी नाम रखे हैं जितने भी किरदार रखे हैं। कहा न अभी- माँ हूँ, बहन हूँ, पत्नी हूँ। यह धारणाएं हैं। जब तुम सो जाते हो तो क्या तुम

धर्मग्रंथों की उपेक्षा धर्म को मिटाने की तैयारी है
धर्मग्रंथों की उपेक्षा धर्म को मिटाने की तैयारी है
21 min

प्रश्नकर्ता: आध्यात्मिक और धार्मिक ग्रंथों को लेकर वर्तमान समय में एक उपेक्षा का भाव है बल्कि कहीं-कहीं तो घृणा का। लोग कहने लग गए हैं, "ज्ञान तो हम अपने अनुभव से ही ले लेंगे। समझ तो हम अपने जीवन से यही सीख लेंगे। किसी ग्रंथ किसी शास्त्र की हमें कोई

सनातन धर्म स्त्रियों का शोषण करता है?
सनातन धर्म स्त्रियों का शोषण करता है?
13 min

आचार्य प्रशांत: प्रश्न आया है, प्रश्न क्या है व्यंग आया है और प्रश्नकर्ता माने व्यंगकर्ता कहते हैं कि बहुत बढ़िया है सनातन धर्म और ऐसे सनातन धर्म को कोटि-कोटि प्रणाम जिसमें जब स्त्रियों और पुरुषों की समानता की बात करनी हो तो उपनिषदों की आड़ ले लो और जब स्त्रियों

शूद्र कौन? शूद्र को धर्मग्रन्थ पढ़ने का अधिकार क्यों नहीं?
शूद्र कौन? शूद्र को धर्मग्रन्थ पढ़ने का अधिकार क्यों नहीं?
31 min

प्रश्नकर्ता: मनुस्मृति में लिखा है शूद्रों को वेद पुराण नहीं पढ़ने चाहिए और अगर वो सुने या पढ़ें तो उनके कानों में सीसा पिघलाकर डालने का दंड मिले। यहाँ शूद्र से क्या आशय है और ये सब दंड वगैरह की बात क्यों?

आचार्य प्रशांत: देखो कुछ केंद्रीय बातें समझनी होंगी!

अध्यात्म में भाषा का क्या महत्व है? || आचार्य प्रशांत (2017)
अध्यात्म में भाषा का क्या महत्व है? || आचार्य प्रशांत (2017)
7 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, अध्यात्म में भाषा का क्या महत्व है?

आचार्य प्रशांत: भाषा बड़े चमत्कार कर सकती है। जो शब्द तुम बोलते हो, वो तुम बोलते ही भर नहीं हो, सुनते भी हो। अपना ही कहा तुम सुनते भी हो। जैसे जानवर होते हैं न, जुगाली करते हैं। जुगाली का

क्या सिर्फ़ राम को याद रखना पर्याप्त है?
क्या सिर्फ़ राम को याद रखना पर्याप्त है?
17 min

प्रश्नकर्ताः 'नहिं कलि करम न भगति बिबेकु, राम नाम अवलंबन एकु' - आपको भी सुना कई बार कि नाम एक ऐसी चीज़ है जो निराकार और साकार दोनों के बीच का है। तो मैं बच्चों को ये भी बताता हूँ कि प्रभु के नाम का सहारा लो, उनका स्मरण करो

अपनी भाषा, अपनी बात, अपनी जिंदगी - यही है अध्यात्म
अपनी भाषा, अपनी बात, अपनी जिंदगी - यही है अध्यात्म
19 min

दिनांक ५ अक्टूबर’ १९ की शाम, विश्रांति शिविर, मुंबई के प्रतिभागियों द्वारा आचार्य जी का हर्ष व उल्लास के साथ स्वागत किया गया। फूलों से सुसज्जित सत्संग भवन में आचार्य जी का स्वागत प्रतिभागियों ने गुरु वंदना का एक स्वर में जाप करके किया।

आगमन के उपरांत आचार्य जी का

The world is an agitation, the wise one subsides it || Acharya Prashant, on Bhagavad Gita (2020)
The world is an agitation, the wise one subsides it || Acharya Prashant, on Bhagavad Gita (2020)
10 min

यस्मान्नोद्विजते लोको लोकान्नोद्विजते च यः।

हर्षामर्षभयोद्वेगैर्मुक्तो यः स च मे प्रियः।। 12.15 ।।

yasmān nodvijate loko lokān nodvijate cha yaḥ

harṣhāmarṣha-bhayodvegair mukto yaḥ sa cha me priyaḥ

He by whom the world is not agitated and who cannot be agitated by the world, and who is freed from joy, envy,

धार्मिक किताबें सीधी भाषा में क्यों नहीं होतीं? || आचार्य प्रशांत, आइ.आइ.टी बॉम्बे के साथ (2020)
धार्मिक किताबें सीधी भाषा में क्यों नहीं होतीं? || आचार्य प्रशांत, आइ.आइ.टी बॉम्बे के साथ (2020)
5 min

प्रश्नकर्ता: धार्मिक ग्रंथों में बातें इतनी काव्यात्मक ढंग से क्यों कही जाती हैं? आध्यात्मिक ग्रंथ पढ़ते समय हम पता कैसे करें कि हमने श्लोक का मूल अर्थ समझ लिया है?

आचार्य प्रशांत:

आध्यात्मिक है अगर ग्रंथ, तो श्लोक तुम से शुरू होता है और अनंत तक जाता है। श्लोक अपने

वो कहते हैं धर्म ने बर्बाद किया भारत को
वो कहते हैं धर्म ने बर्बाद किया भारत को
47 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, इस देश में हज़ारों सालों से अध्यात्म की परम्परा रही है, फिर भी हज़ारों सालों से यह देश लगातार अनेक क्षुद्र चुनौतियों और विषमताओं से जूझता रहा है, क्या कारण है?

आचार्य प्रशांत: आप में से कौन-कौन लोग अपने घर की नियमित रूप से सफ़ाई करते हैं?

आज का युद्ध, आज का कुरुक्षेत्र, और आज का धर्म || आचार्य प्रशांत (2019)
आज का युद्ध, आज का कुरुक्षेत्र, और आज का धर्म || आचार्य प्रशांत (2019)
17 min

प्रश्न: आचार्य जी, मुझे अध्यात्म में बहुत कुछ सीखने को मिला है लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरे हाथ में धनुष है, प्रत्यंचा खींची हुई है लेकिन मैं तीर नहीं चला पा रहा हूँ, और मैं तनाव में हूँ। मैं तनाव में क्यों हूँ?

आचार्य प्रशांत: यह तनाव

आज दुश्मन छुपा हुआ है || आचार्य प्रशांत (2019)
आज दुश्मन छुपा हुआ है || आचार्य प्रशांत (2019)
14 min

प्रश्न: आचार्य जी, प्रणाम। कल आप बोल रहे थे कि शहीद भगत सिंह के समय पर एक शत्रु था, और वो अंग्रेज़ थे। ये बात उनको पता थी। अपने शत्रु के बारे में उन्हें पता था। इन दिनों अनेक शत्रु हैं, और पता भी नहीं है कि वो हैं कौन।

स्त्री को नीचा क्यों माना धर्मों और बुद्धों ने?
स्त्री को नीचा क्यों माना धर्मों और बुद्धों ने?
28 min

मां हि पार्थ व्यपाश्रित्य येऽपि स्युः पापयोनयः।

स्त्रियो वैश्यास्तथा शूद्रास्तेऽपि यान्ति परां गतिम्॥

हे अर्जुन! स्त्री, वैश्य, शूद्र तथा पापयोनि चाण्डलादि जो कोई भी हों, वे भी मेरे शरण होकर परमगति को हीं प्राप्त होते हैं।

(श्रीमद्भगवद गीता, अध्याय ९, श्लोक ३२)

प्रश्नकर्ता: मेरे दो प्रश्न हैं, पहला यह कि

ध्यान से उठता है उपनिषद
ध्यान से उठता है उपनिषद
33 min

प्रश्नकर्ता: मृत्यु की खोज में जाने का अर्थ क्या है, आचार्य जी?

आचार्य प्रशांत: मृत्यु की खोज में जाने का अर्थ क्या है? ज़मीनी तौर पर हुआ क्या? अगर इस कहानी के समानांतर एक वास्तविक घटना खड़ी करें, तो वास्तविक घटना में क्या हो रहा है? ये तो ठीक है,

धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या || आचार्य प्रशांत (2020)
धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या || आचार्य प्रशांत (2020)
10 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी प्रणाम, कुछ दिनों पहले मैं असम के गुवाहाटी शहर में स्थित एक देवी मंदिर में दर्शन की अभिलाषा से गया था। कुछ घण्टों तक लाइन में लग कर अपने नंबर का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही लगा कि शायद अब दर्शन हो जाएँगे तो देखता हूँ

मार्क्स, पेरियार, भगतसिंह की नास्तिकता || आचार्य प्रशांत (2020)
मार्क्स, पेरियार, भगतसिंह की नास्तिकता || आचार्य प्रशांत (2020)
10 min

प्रश्न: आपने कहा कि आज के जितने भी लिबरल चिंतक इत्यादि हैं, वे कोई भी पराभौतिक हस्ती को पूर्णतया नकार देते हैं, और कहते हैं - "जो भी है वह यहीं आँखों के सामने है।" भगत सिंह ने भी कहा, "दुनिया में ईश्वर नाम की कोई चीज़ नहीं है," पेरियार

संगठित धर्म और सनातन धर्म में भेद || आचार्य प्रशांत (2017)
संगठित धर्म और सनातन धर्म में भेद || आचार्य प्रशांत (2017)
4 min

आचार्य प्रशांत: वो कहानी सुनी ही होगी, एक गाँव में एक फ़क़ीर रहता था, हम्म? तो पूजा के लिए बुलावा आए, अज़ान हो, और वो उपस्थित हो जाए। सालों से ऐसे ही चल रहा था, मान लो कि सौ-साल से ऐसा चल रहा था। एक दिन नमाज़ की ख़बर भेजी

क्या श्रीकृष्ण अर्जुन से हिंसा करवाते हैं? || आचार्य प्रशांत, महाभारत पर (2018)
क्या श्रीकृष्ण अर्जुन से हिंसा करवाते हैं? || आचार्य प्रशांत, महाभारत पर (2018)
12 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, श्रीमद्भगवद्गीता में श्री कृष्ण अर्जुन को युद्ध हेतु तैयार करते हैं, तो फिर हिंसा और अहिंसा में भेद क्या हुआ? हिंसा किस प्रकार उचित है?

आचार्य प्रशांत: हिंसा को तुम बड़े स्थूल रूप से देखते हो, ठीक वैसे जैसे तुम प्रेम को भी स्थूल रूप से देखते

कोरोना वायरस, भगवान, और धर्म || आचार्य प्रशांत, कोरोनावायरस पर (2020)
कोरोना वायरस, भगवान, और धर्म || आचार्य प्रशांत, कोरोनावायरस पर (2020)
32 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, पूरा विश्व इस वक़्त कोरोना वाइरस से ग्रस्त है। अनेक प्रकार की प्रतिक्रियाँ आ रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह ईश्वर द्वारा भेजी गई एक विपत्ति है और इसका समाधान तो वो ख़ुद ही करेगा। पोप इत्यादि कह रहे हैं कि उन्होंने ईश्वर से

Vulgar demonstrations in the name of spirituality || Acharya Prashant (2019)
Vulgar demonstrations in the name of spirituality || Acharya Prashant (2019)
8 min

Question: Acharya Ji, what is the significance of spiritual images?

Acharya Prashant Ji: Indira, do you see where this question is coming from? It is coming from the popular notion of Spirituality which has turned Spirituality into a body of exotic, unquestionable, esoteric knowledge, not as something that is raw,

क्या पुनर्जन्म होता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
क्या पुनर्जन्म होता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
7 min

प्रश्न: आचार्य जी, क्या पुनर्जन्म होता है?

आचार्य प्रशांत जी: किसका?

किसका?

तुम कहो, “नाम है,” तो मैं पूछूँ, “किसका?”

पुनर्जन्म होता है। किसका?

प्रश्नकर्ता: आत्मा का।

आचार्य प्रशांत जी: हाँ ठीक। आत्मा का होता है।

आप आत्मा हो?

प्रश्नकर्ता: आत्मा और शरीर।

आचार्य प्रशांत जी: आत्मा जगह छोड़ती है

क्या ज्योतिषी भविष्य बता सकते हैं? || (2017)
क्या ज्योतिषी भविष्य बता सकते हैं? || (2017)
8 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, एक सवाल पूछने का मन हो रहा है, पर पूछते हुए डर लग रहा है।

आचार्य प्रशांत: पूछो।

प्र: गौतम बुद्ध के जन्म का एक उल्लेख है कि उनके जन्म से पहले एक ज्योतिष उनके घर पर आए थे, और उनके पिता से कहा था कि इस

Man is losing religion, and the Earth is losing forests || Acharya Prashant (2019)
Man is losing religion, and the Earth is losing forests || Acharya Prashant (2019)
1 min

Question: Acharya Ji, you often discuss that just as species are getting extinct at a very fast rate in the 21st century, and certain qualities of the being of the mind are also getting extinct – qualities like patience, care for others, compassion. Probably these are the manifestations of de-religionisation

If God is nameless, how to continuously recite His name? || Acharya Prashant (2019)
If God is nameless, how to continuously recite His name? || Acharya Prashant (2019)
7 min

Questioner: Pranaam Acharya Ji. Nitnem continuously says that the way to reach God is to continuously recite his name. But, as God is nameless and formless, is not Silence, what we need to practice? Please shed some light on name of the Lord.

Can physical recitation of mantras like ‘Ek

How to cremate the dead in today's age? || Acharya Prashant (2018)
How to cremate the dead in today's age? || Acharya Prashant (2018)
7 min

I said to the wanting creature inside me, “What is this river you want to cross? There are no travelers on the river road, and no road.Do you see anyone moving about on that bank, or nesting?There is no river at all. And no boat and no boatman.

How does Hinduism justify idol worship when Christianity and Islam forbid it? || Acharya Prashant
How does Hinduism justify idol worship when Christianity and Islam forbid it? || Acharya Prashant
10 min

“Verily, verily, I say unto you, The servant is not greater than his lord; neither he that is sent greater than he that sent him.”

~ John 13:16

Question: The Abrahamic religions, all of them, are against idol worship. Not only Christianity, but also Islam, Judaism. But in Hinduism, there

ग़लत निर्णयों का कारण क्या? ग्रंथों का दुरुपयोग कैसे? || (2019)
ग़लत निर्णयों का कारण क्या? ग्रंथों का दुरुपयोग कैसे? || (2019)
8 min

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, प्रणाम!

आपसे प्रश्न पूछा गया था कि – “मुक्ति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा क्या है?” तो आपने कहा था कि – “मुक्ति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा हम स्वयं ही हैं, क्योंकि हम ही ने बंधनों का चुनाव कर रखा है।” मगर आचार्य जी,

The relation between religion and spirituality || Acharya Prashant (2018)
The relation between religion and spirituality || Acharya Prashant (2018)
5 min

Questioner (Q): My sister believes in Christianity and she has also changed her religion. Now, she says that I am on the wrong path. What is the right path and how religion and spirituality are connected?

Acharya Prashant (AP): When the subtle becomes gross, rather the subtle is turned into