लोग सोशल मीडिया पर घटिया और बचकानी पोस्ट्स क्यों डालते हैं? || (2020)

प्रश्नकर्ता: सर जी प्रणाम आपको। आपने ही हमें बचा रखा है। आपकी वीडियो सुनते हैं डेली (रोज़) दस से ज़्यादा। सर, सोशल मीडिया पर इतनी बचकाना और घटिया पोस्टिंग ही क्यों करते हैं ज़्यादातर लोग? बिना बात का डिस्ट्रैक्शन (विकर्षण) होता है।
आचार्य प्रशांत: तुम कचरे की पेटी लेकर चल रहे हो अपने साथ तो जगह-जगह क्या बिखराते चलोगे? सोना, चांदी, हीरे, मोती, क्या? कचरा ही तो बिखराते चलोगे। जिसके पास जो है वो जहाँ जाएगा, वही बिखेरेगा।
लोग-सोशल मीडिया पर जानबूझकर घटिया और फ़िज़ूल बातें नहीं लिखते भाई, उनके पास बातें हैं ही यही। उनसे सहानुभूति रखो। उनके पास और कुछ है ही नहीं। उनकी ज़िंदगी ऐसी है कि उनके यही मुद्दे हैं। जिन बातों को अब तुम कह रहे हो कि बचकाना हैं और घटिया हैं, वो बातें उनकी नज़र में घटिया नहीं हैं जो उन बातों को पोस्ट करते हैं।
और कह रहे हो कि तुम रोज़ वीडियो सुनते हो डेली दस से ज़्यादा। ये जो तुम सवाल भी पूछ रहे हो न, ये सवाल उन्हीं विडियोज़ का ख़ुमार है। पता नहीं कब तुमने मेरे विडियोज़ देखने शुरू करे, मान लो छह महीने पहले।
छह महीने पहले क्या किया करते थे? साल भर, दो साल, चार साल पहले क्या किया करते थे? सोशल मीडिया तो अब दस-पन्द्रह साल पुराना हो गया। तुम कौनसी पोस्टिंग किया करते थे?
तुम भी तो वही सब चीज़ें डालते रहे होगे न सोशल मीडिया पर जिनको आज तुम बड़े ऊँचे होकर के लानत की निगाह से देख रहे हो, कह रहे हो, "छी, हम तो ऊँचे-ऊँचे, अच्छे-अच्छे वीडियो देखते हैं और ये बाकी दुनिया कैसी ज़लील बातों पर पोस्टिंग करती रहती है।" वो बाकी दुनिया तक भी तुमने आचार्य प्रशांत के वीडियो पहुँचा दिए होते तो वो बेचारे भी ना करते व्यर्थ की पोस्टिंग। अब उसकी ज़िंदगी में है ही वही सब कुछ। तो वो क्या डाले?


