प्रश्नकर्ता: सर नमस्कार! रामायण और महाभारत में जो कहानियाँ हैं, क्या वो सत्य घटनाओं पर आधारित हैं?
आचार्य प्रशांत: घटनाएँ सत्य या असत्य नहीं होतीं, घटनाएँ तथ्य कहलाती हैं। ठीक है?
उदाहरण के लिए - कोई एक घर से निकला और सड़क का इस्तेमाल करके आधे किलोमीटर दूर किसी दूसरे घर में चला गया। इसको सत्य घटना नहीं बोलते। इसमें सत्य क्या है?
मार्मिक दृष्टि से देखो, अध्यात्म की दृष्टि से देखो तो न वो घर सत्य है, न वो इंसान सत्य है, न वो सड़क सत्य है, न वो आधा किलोमीटर दूर जिस घर में चला गया वो सत्य है, न उसने यह फासला तय करने के लिए जो समय लिया वो समय सत्य है।
सत्य की क्या परिभाषा होती है?
सत्य की परिभाषा होती है - वो जो कभी बदले न। ‘वो जो कभी बदले न।‘ यह जिस घर से निकला, क्या वो कभी नहीं बदलेगा? ‘बदलेगा’ किस सड़क पर चला वो कभी नहीं बदलेगी? यह जो इंसान है, क्या यह बदल नहीं रहा?
समय?
‘वो तो बदलते ही रहता है।‘


