वक्ता: तेरी है ज़मीं, तेरा आसमां|
‘ज़मीं से आसमां’ मतलब, जो कुछ भी है| ज़मीन एक सिरा है, आसमान दूसरा सिरा है; उसके बीच में जो कुछ भी है| मतलब? क्या-क्या है जो ज़मीन और आसमान के बीच में है?
श्रोता १: सब कुछ|
वक्ता: सब कुछ, तो पूरा अस्तित्व| ‘तेरी है ज़मीं तेरा आसमां’, मतलब सब कुछ| सब कुछ तेरा है| सब कुछ है कहां वैसे? ये ज़मीन से लेकर आसमान तक, जो कुछ है, वो कहां है? वो कहां है?
श्रोता २: मन में|
वक्ता: मन में| और मन का स्रोत क्या है?
श्रोता २: विचार|
वक्ता: सब कुछ कहां है? मन में| और मन कहां है?

