सेक्स और मौत में क्या संबंध है? || आचार्य प्रशांत, खलील जिब्रान पर (2014)

“If you would indeed behold the spirit of death,
open your heart wide unto the body of life.”
Khalil Gibran
**“*Virgins indulge in sex for curiosity,Harlots for money,Widows for remembering the good old days,Wives out of a sense of duty,While the pure pleasure of sexIs possible in adultery.*”**
(Unknown 12th-century poet)
वक्ता: इच्छा हमेशा पूर्णता चाहती है कि मैं पूरी हो जाऊँ। और पूरी हो कर के वो क्या चाहती है कि पूरी हुई तो यानी कि खत्म हो गई। इच्छा के पूरे होने का अर्थ तो यही है न कि इच्छा ‘खत्म हो गई’। इच्छा खत्म होना चाहती है। बड़ी मज़ेदार बात है कि इच्छा चाहती क्या है? अपनी ही मौत। इच्छा पूरा हो कर के क्या चाहती है? कि मैं खत्म हो जाऊँ।
शरीर की बड़ी से बड़ी इच्छा है अपने आप को बचाए रखने की किसी न किसी रूप में। वो यही चाहता है। मन की बड़ी से बड़ी इच्छा है विलीन हो जाने की। शरीर की बड़ी से बड़ी इच्छा है अपने आप को बचाए रखने की और मन की गहरी से गहरी तृप्ति इसमें है कि वो शांत हो जाए। आप बात समझ रहे हैं?


