*भूले मन..!समझ के लाग लदनियां..!थोड़ा लाद..अधिक मत लादे..टूट जाये तेरी गर्दनिया..!..*
*भूले मन…भूखा हो तो भोजन पा ले..आगे हात न बनिया…!*
*भूले मन….प्यासा हो तो पानी पि ले..आगे घात न पनियां…*
*भूले मन….कहे कबीर सुनो भाई साधो..काल के हाथ कमनियां…*भूले मन…
प्रश्न: सर, निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ जानना चाहती हूँ-
प्यासा हो तो पानी पी ले, आगे घात न पनियां.
उत्तर: दिव्या,
क्या है मन की भूख, क्या है मन की प्यास? क्या पाकर मन वास्तव में शांत हो जाएगा?


