तुम अपनी चेतना की वर्तमान स्थिति ही हो || आचार्य प्रशांत (2013)

All I am seeing, when I see
All I am is hearing, when I hear
All I am is sentience, when I feel
All I am is understanding, when I know
वक्ता: ये ‘मैं हूँ’ ही इटेलिक्स में क्यों है?
श्रोता १: निरंतरता।
वक्ता: क्या निरंतरता? निरंतरता का मतलब समय हो गया। ‘अभी!’ जो भी ‘मैं हूँ’ वो अभी है। मशीन का कुछ ‘अभी’ नहीं होता; मशीन का बस अतीत या भविष्य होता है; मशीन का ‘वर्तमान’ नहीं होता। मशीन का अतीत होता है जो उसके भविष्य पर शासन करता है।
वाक्य कहता है: “जब मैं देखता हूँ, तो मैं देखना भर हूँ”। क्या कभी ऐसा होता है हमारे साथ कि जब हम देखते हैं तो बस देखना भर होता है? क्या कभी ऐसा होता है कि जब हम सुनते हैं तो हम बस सुनना होते हैं? क्या कभी ऐसा होता है? पता करिए! और यदि ऐसा होता है, केवल दो मिनट के लिए, तो फ़िर ज़िन्दगी भी आपने दो मिनट ही जी है। तो असल में आपकी उम्र क्या है फ़िर, ४ या ५ दिन? जैसे कोई बच्चा!


