प्रश्न: हमें कभी लगता है कि हम सही हैं, और हम वही चीज़ कर रहे हैं, पर हमें उस रास्ते पर लोगों के इतने कटाक्ष मिलते हैं कि हम उस रास्ते पर चल ही नहीं पाते।
आचार्य प्रशांत जी: डर लगा रहता है?
कितने साल के हो?
प्रश्नकर्ता: अट्ठारह!
आचार्य प्रशांत जी: ना आठ साल के हो ना अस्सी के हो, ना बच्चे हो ना बूढ़े। जवान हो? जवान होने का मतलब समझते हो? क्या मतलब होता है? डरपोक होना? दुनिया आएगी, दस बातें बोलेगी, पीछे हट जाना?
कुछ नहीं करा जा सकता अगर डरते हो। कुछ भी नहीं करा जा सकता।
(हिंदी फ़िल्म के एक गाने की पंक्तियाँ गाते हुए)
“कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना!”

