प्रश्नकर्ता: सर, मैं भविष्य में नहीं जीता, वर्तमान में जीता हूँ। लेकिन मैं वर्तमान में देखता हूँ, क्या सफलता, सक्सेस सिर्फ़ पैसे से सम्बंधित है? इज़ सक्सेस रिलेटेड टु ऑनली मनी एंड नथिंग एल्स? क्योंकि मैं वर्तमान में यही देखता हूँ, जब भी किसी को सक्सेसफुल (सफल) होते हुए देखता हूँ, या समाज में देखता हूँ, इधर–उधर देखता हूँ। मैं इन सब पर बिलीव (विश्वास) नहीं करता स्वयं, लेकिन मैं यही देखता हूँ कि, “अरे, उसके पास लैंबोर्गिनी है, वो सफल है। अरे, उसके पास फ़ेम (ख्याति) है, वो सफल है।“
लिटरली (वस्तुतः), सफलता है क्या असल मायने में?
आचार्य प्रशांत: बहुत बढ़िया, बैठो। क्या नाम है?
प्र: श्रीश शुक्ला।
आचार्य: बहुत अच्छे, बैठो।
देखिए, पैसा दो ज़रूरतें हमारी पूरी करता है। एक है जो कुछ हद तक वास्तविक है, ठीक है न? जिसका वास्तव में वर्तमान में उपयोग है। और जो दूसरी ज़रूरत है वो बहुत हद तक काल्पनिक है। उदाहरण देता हूँ, मैं पचास-हज़ार रुपए मान लीजिए महीने के कमाता हूँ, ठीक? उसमें से मैं खर्च करता हूँ मात्र बीस-हज़ार रुपए। इतना ही मेरा खर्च है, कुल इतना मेरा खर्च है। मैं बाकी तीस-हज़ार का क्या करता हूँ?


