ज़ेन कोआन: मोकुसेन का हाथ
मोकुसेन तांबे के घर में रहते थे। एक अनुयायी ने एक दिन मोकुसेन को अपनी पत्नी के कंजूस व्यवहार के बारे में बताया। मोकुसेन उस अनुयायी के घर गए और उसकी पत्नी को अपनी बंद मुट्ठी दिखाई।
अनुयायी की पत्नी ने आश्चर्य से पूछा, “इसका क्या अर्थ है?” मोकुसेन: “अगर ये मुट्ठी इसी तरह बंद रहेगी तो इसको क्या कहोगी?” स्त्री: “विकार है ये, दोष है। ग़लत है ये।”
मोकुसेन ने अपनी मुट्ठी खोली और पंजा दिखाया, और बोले, “अगर ये सदा ऐसे रहे तो?”अनुयायी की पत्नी ने कहा, “दूसरी तरह का विकार। दूसरी तरह का दोष।”तो मोकुसेन बोले, “अगर तुम इतना समझती हो, तो तुम एक अच्छी पत्नी हो।”
यह कहकर मोकुसेन वहाँ से चले गए। इस घटना के बाद अनुयायी की पत्नी बचत करने में भी मदद करने लगी, और बाँटने में भी।
प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, इस ज़ेन कोआन का क्या अर्थ है?
आचार्य प्रशांत: अध्यात्म दो सिरों में से किसी एक सिरे पर तम्बू गाड़ लेने का नाम नहीं है। (दोहराते हुए) अध्यात्म द्वैत के किसी एक सिरे पर तम्बू गाड़ लेने का नाम नहीं है।


