कामवासना, रोमांस और गुलाबी अरमान || आचार्य प्रशांत (2025)
आचार्य प्रशांत
महिलाओं को खूबसूरती और 'लुक्स' पर नौकरी देने वाले || आचार्य प्रशांत (2025)
Super Intelligence: वो खतरनाक ताकत जो इंसान को गुलाम बना सकती है || आचार्य प्रशांत (2024)
दुनिया जलती है हमसे, इसीलिए भारत को नोबेल प्राइज़ नहीं मिलता || आचार्य प्रशांत (2024)
अमीरों की अमीरी बढ़ी, गरीबों की गरीबी बढ़ी, और हमने बजाई ताली || आचार्य प्रशांत (2024)
एक ही है जिसके लिए सजना है, रिझाना है || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
चित्रा त्रिपाठी द्वारा आचार्य प्रशांत का साक्षात्कार : भारत साहित्य उत्सव (2025)
युवाशक्ति को ललकार || आचार्य प्रशांत (2024)
पेड़ लगाना, बल्ब बुझाना: ऐसे नाटकों से नहीं रुकेगा क्लाइमेट चेंज || आचार्य प्रशांत (2025)
जो सही हो वो करो, चाहे पसंद हो या नापसंद || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2024)
प्रिये! तुम खाना नहीं, प्यार परोसती हो! || आचार्य प्रशांत (2025)
मौत नहीं, अधूरी कहानी डराती है || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2025)
उधार का ज्ञान, ज़िन्दगी बेजान || आचार्य प्रशांत, हिन्दू कॉलेज DU (2025)
स्त्री और धर्म: इतिहास का सबसे बड़ा छल || आचार्य प्रशांत (2025)
अकेलापन, भावुकता, प्रेम और धर्म परिवर्तन — एक लड़की, कितने धोखे! || आचार्य प्रशांत (2025)
ज़िंदगी दो बातों की — एक आग, एक आशिकी || आचार्य प्रशांत (2025)
(गीता-49) उसे सौंप दो, उसे संभालने दो, तुम रास्ते से हटो || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
जिन घरों में बच्चे पिटते हैं || आचार्य प्रशांत (2025)
जलता नेपाल: क्यों विफल हो जाती हैं क्रांतियाँ? || आचार्य प्रशांत (2025)
ज़रूरी कामों के लिए भी समय कम? कम समय में पूरा काम कैसे करें? || आचार्य प्रशांत, SRCC में (2025)
इंसान अरावली नहीं काट रहा, अमीर काट रहा है गरीब को || आचार्य प्रशांत, पुणे (2025)
(गीता-50) स्वभाव अपना उड़ान है, घर अपना आसमान है || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
गाँधी बनाम अम्बेडकर: सुधार बनाम विद्रोह || आचार्य प्रशांत, किरोड़ीमल कॉलेज, DU (2025)
मैं आपको गीता ही नहीं, ज़िन्दगी की लड़ाई सिखा रहा हूँ || आचार्य प्रशांत (2024)
फुले, अंबेडकर, मनुस्मृति और महिला: कुछ जलते हुए सवाल || आचार्य प्रशांत (2025)
इनोसेंस (निर्दोषता) और इग्नोरेंस (अज्ञानता) का महीन फ़र्क: नहीं समझे तो फँसे || आचार्य प्रशांत(2024)
सोचा था बस 5 मिनट इंस्टाग्राम देखूँगा, फिर सो जाऊँगा || आचार्य प्रशांत, IIT दिल्ली (2025)
जो तुम पकड़े बैठे हो… वही तुम्हें फँसा रहा है? || आचार्य प्रशांत (2025)
पाकिस्तान के पागलपन की वजह: दो राष्ट्र सिद्धान्त (Two Nation Theory) || आचार्य प्रशान्त, NDTV(2025)
विकृत नारीवाद: नारी के लिए एक नया पिंजड़ा? || आचार्य प्रशांत (2025)