🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत #Philosophy #BhagavadGita वीडियो जानकारी: 19.12.24, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नोएडा इनोसेंस (निर्दोषता) और इग्नोरेंस (अज्ञानता) का महीन फ़र्क - नहीं समझोगे तो फँसोगे || आचार्य प्रशांत (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 1:06 - मासूमियत की ताकत 3:11 - सच्चाई और प्रक्षेपण 7:27 - बच्चों की मासूमियत 9:00 - कहानियों का प्रभाव 13:31 - सांप और बच्चे की कहानी 17:39 - सांपों का डर 20:33 - खालीपन और भरना 21:17 - मासूमियत और इग्नोरेंस (Innocence and Ignorance) 27:02 - मासूमियत और ज्ञान 29:25 - जीवन का उद्देश्य 31:37 - लकड़हारे की कहानी 35:11 - कर्मयोग आता है ज्ञान से 39:00 - भजन और समापन विवरण: इस चर्चा में आचार्य जी ने मासूमियत (Innocence) और अज्ञानता (Ignorance) के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि अज्ञानता का अर्थ केवल ज्ञान की कमी नहीं है, बल्कि यह beliefs और कहानियों से भरा होना है। जबकि Innocence का मतलब है खाली होना, जिसमें सीखने की क्षमता होती है। आचार्य जी ने कहा कि असली फितरत में लौटने के लिए व्यक्ति को अपने भीतर के बोझ को समझना और उसे हटाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जीवन में आने-जाने वाली चीजों को स्वीकार करना और उन्हें रोकने या मांगने से बचना आवश्यक है। अंत में, उन्होंने मासूमियत को एक सकारात्मक गुण बताया, जो जीवन को सहजता से जीने में मदद करता है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~