अपने सपनों का अर्थ जानो || आचार्य प्रशांत (2016)
आचार्य प्रशांत
न बंधन है,न मुक्ति चाहिए || आचार्य प्रशांत, उपनिषद पर (2014)
हारोगे तुम बार-बार, बस कोई हार आखिरी न हो || आचार्य प्रशांत (2014)
कार्य-कारण || आचार्य प्रशांत, रमण महर्षि पर (2014)
अद्वैत से द्वैत क्यों पैदा हो जाता है? || आचार्य प्रशांत (2016)
खुद को जानने की कोशिश तुम्हें खुद से दूर ही ले जायेगी || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
दशहरा, और रावण के दस सिर || आचार्य प्रशांत (2016)
ज्ञान न अज्ञान, न सुख न दुःख || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
ज्ञानी और अज्ञानी के बीच अंतर || आचार्य प्रशांत (2015)
जन्माष्टमी कैसे मनाएं? || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण पर (2016)
मन जब आत्मा में दृढ नहीं होता तब वो अपनी ही बनाई दुनिया में भटकता है || आचार्य प्रशांत (2015)
सही कर्म कौनसा? || आचार्य प्रशांत (2014)
बदलाव से ही डरता है ये निरंतर बदलता मन || आचार्य प्रशांत (2015)
समस्या न व्यक्ति न वस्तु न घटना, समस्या है मन की मूल संरचना || आचार्य प्रशांत (2016)
राम को राम से अन्यत्र कहीं तलाशना ही काम है || आचार्य प्रशांत (2016)
सारे धर्मों के त्याग के बाद क्या? || आचार्य प्रशांत, श्रीकृष्ण और श्री अष्टावक्र पर (2016)
जो मुझे जैसा स्थान देता है, मैं भी उसे वैसा ही स्थान देता हूँ ||आचार्य प्रशांत,श्रीमद्भगवद्गीता पर
जहाँ दिखे वहाँ देखो, जहाँ न दिखे वहाँ भी देखो || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
पात्रता का क्या अर्थ है? || आचार्य प्रशांत (2014)
भुलाए बिना चैन न पाओगे || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता (2014)
अहंकार और प्रतिस्पर्धा || आचार्य प्रशांत (2016)
गलतियाँ और बदलाव || आचार्य प्रशांत (2014)
अधूरेपन में आनंद || आचार्य प्रशांत (2014)
बीमारी ही नकली दवाई बनकर बीमारी को कायम रखती है || आचार्य प्रशांत (2015)
विद्रोह के लिए सामर्थ्य की प्रतीक्षा मत करो, विद्रोह से ही सामर्थ्य आता है || आचार्य प्रशांत (2013)
आध्यात्मिक बातें अध्यात्म का सस्ता और व्यर्थ विकल्प हैं || आचार्य प्रशांत (2015)
गहरी वृत्ति को जानना ही है त्याग || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2014)
आदतें स्वभाव नहीं होती || आचार्य प्रशांत (2015)
प्रेम और होश || आचार्य प्रशांत (2014)
जो वचन आपसे न आए, वही मीठा है || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2016)