
महिषासुर का अत्याचार ज़ोरों पर था, उसे हराने हेतु कोई भी एक देवता कभी पर्याप्त नहीं पड़ते। ऐसे में महिषासुर को पराजित करने के लिए, इंद्रदेव ने वज्र दिया, वरुणदेव ने शंख दिया, अग्निदेव ने ताप दिया, यमराज ने कालदंड दिया, ब्रह्मा जी ने कमंडल दिया, विष्णु जी ने चक्र दिया, और शिव जी ने त्रिशूल दिया। इस प्रकार सभी ने उस महायुद्ध में भरपूर दान किया। सबको अपनी-अपनी ओर से अपना सर्वश्रेष्ठ अंश सहयोग में देना पड़ा। तब तो मात्र एक ही महिषासुर था, आज तो सैकड़ों मधु-कैटभ, शुंभ-निशुंभ और महिषासुरों ने पूरे विश्व को ही खा लिया है। आपकी संस्था इनसे लड़ने का भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन आपके सहयोग के बिना बात बनेगी नहीं। जब सब अपनी क्षमता के अनुसार अधिकतम सहयोग करते हैं तब देवी प्रकट होती हैं!
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