यह कोई हल्की-फुल्की मोटिवेशनल बुक नहीं है। पढ़ते समय कई जगह असहज भी महसूस हुआ, क्योंकि लेखक सीधे हमारी कमजोरियों पर बात करता है। लेकिन शायद यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।