यह किताब मुझे Amazon पर मिली थी और रिव्यू देखकर पढ़नी शुरू की (https://www.amazon.in)। शुरुआत में थोड़ी भारी लगी, लेकिन आगे जाकर बातें साफ़ होती गईं। यह किताब समाधान नहीं थमाती, बल्कि सोचने की आदत बदलती है।