मन मस्त हुआ || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
आचार्य प्रशांत
अयोध्यावासी “गद्दार” हैं? || आचार्य प्रशांत (2024)
जिसको बदल ही जाना है, उससे उम्मीदें कैसी? || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2024)
(गीता-37) क्या गीता जातिवाद का समर्थन करती है? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
लिविंग इन द मोमेन्ट (Living in the moment) - एक खतरनाक झूठ || आचार्य प्रशांत (2024)
पॉर्न ऐसे ही चलेगी, अगर ज़िंदगी ऐसे ही चलेगी || आचार्य प्रशांत (2024)
तुम्हारा अकेलापन ही तुम्हारी ताकत बनेगा - घबराओ मत! || आचार्य प्रशांत, आई.आई.टी. दिल्ली (2024)
स्वामी विवेकानंद माँसाहार क्यों करते थे? महापुरुषों से भी गलतियाँ होती हैं? || आचार्य प्रशांत (2024)
क्यों नहीं मिलता दुखों से छुटकारा? समस्या को गहराई से समझें ||आचार्य प्रशांत,शून्यता सप्तति पर(2023)
सरकारी नौकरी की दीवानगी, और कोचिंग का रोग || आचार्य प्रशांत (2024)
उनके लिए जो स्वयं को कमज़ोर या हीन समझते हैं || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2024)
जानते हो किसके गुलाम हो तुम? || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2023)
क्या यही है कलियुग? || आचार्य प्रशांत, जलवायु परिवर्तन पर बातचीत (2024)
जो भीतर से परास्त है, उसे बाहर सब दुश्मन लगते हैं || आचार्य प्रशांत (2024)
गुरु का प्रेम, विवशता और पीड़ा || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2023)
भैया जी का भोकाल! || आचार्य प्रशांत (2024)
ऐसा प्यार, ऐसा पागलपन! || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
(गीता-41) जा, तुझे प्रेम हो जाए || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
दर्द पक्का है, इसलिए मुस्कुराओ || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2024)
Gen Z की मानसिक बेचैनी और समाधान || आचार्य प्रशांत (2024)
नौकरी नहीं लग रही, पढ़ाई में मन नहीं, बहुत हीनभावना आ गई है || आचार्य प्रशांत (2024)
बताओ क्या चाहिए - पैसा, ताकत, सुख, सेक्स? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2024)
न मैं न मेरा || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2023)
संत बनने का मस्त फॉर्मूला || आचार्य प्रशांत (2024)
स्वर्ग क्या है? जीवित रहते स्वर्ग पाने की विधि क्या है? || आचार्य प्रशांत, कठ उपनिषद् पर (2024)
न शिक्षा न रोज़गार: भारत की जवानी लाचार || आचार्य प्रशांत (2024)
महामृत्युंजय मंत्र: रहस्य जानिए, जीवन बदलेगा || आचार्य प्रशांत (2024)
ज़िंदगी जब गिराए, तो हँसके बोल: और ज़ोर से! || आचार्य प्रशांत (2024)
होश बहुत हुआ, तुम्हें थोड़ी बेहोशी चाहिए || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
लड़कियां तो पराया धन हैं || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2024)