संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग संवाद, 20.5.13, अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा, भारत केन उपनिषद का क्या महत्त्व? || आचार्य प्रशांत, केन उपनिषद पर (2013) 📋 Video Chapters 0:00 - भूमिका (Intro) 0:04 - केन उपनिषद का परिचय: 'कौन' का रहस्य 9:40 - प्राण, वाणी, आंख-कान की शक्ति का स्रोत क्या है? 17:41 - सवाल पूछना क्यों ज़रूरी है? 23:06 - केन उपनिषद का महत्व 32:34 - ब्रह्म की ओर इशारा: जिसे शब्दों में नहीं बांधा जा सकता 45:18 - ब्रह्म को जानने और उपासना की भ्रमपूर्ण प्रथाओं में अंतर 47:39 - समापन प्रसंग: ~ केन उपनिषद का क्या महत्त्व है? ~ अपने जीवन में उपनिषद की सुगंध कैसे उतरे? ~ उपनिषद को कैसे समझें? ~ उपनिषद पढ़ा नहीं जाता, उपनिषद हुआ जाता है इस वक्तव्य का क्या अर्थ है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~ उपनिषद पढ़ा नहीं जाता, उपनिषद हुआ जाता है। ~ आचार्य प्रशांत ॐ केनेषितं पतति प्रेषितं मनः केन प्राणः प्रथमः प्रैति युक्तः । केनेषितां वाचमिमां वदन्ति चक्षुः श्रोत्रं क उ देवो युनक्ति ॥ (केनोपनिषद, अध्याय १, श्लोक १)