संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग, 24.1.17, अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा, भारत प्रसंग: ~ अनहद बाजा बजे सुहाणा, ~ मुतरिब सुघड़ा तान तराना, ~ बुल्ला सौम सलात दुगाना, ~ मध प्याला देण कलाल नी.. संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~ मोरा पिया घर आया, हो लाल नी ... मुख वेखण दा अजब नज़ारा, दुख दलिद्दर उठ गिया सारा, रैण बंधे कुछ करो पसारा, दिन अग्गे धरो दीवाल नी.. मोरा पिया घर आया, हो लाल नी ... टूणे टामण किये बतेरे, सिहरे आए वड्ड वडेरे, तो जानी घर आइया मेरे, लक्ख वर्हे रहा ओद्दे नाल नी.. मोरा पिया घर आया, हो लाल नी ... बुल्लया शौह दी सेज़ पियारी, नी मैं तारनहारे तारी, किवे किवे मेरी आई बारी, हुण विछड़न होइया मुहाल नी.. मोरा पिया घर आया, हो लाल नी ... घड़ी घड़ी घड़िआल बजावे, रैण वसल दी पिया घटावे, मेरे मन दी बात जे पावे, हत्थों जा सुट्टे घड़िआल नी.. मोरा पिया घर आया, हो लाल नी ... ~ संत बुल्लेशाह