🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant वीडियो जानकारी: 28.05.24, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा पत्नी का पेट फाड़ा, बेटी की हत्या की — जिन्हें नाज़ है हिंद पर वो कहाँ हैं? || आचार्य प्रशांत(2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 2:23 - हिंसा की शुरुआत 11:21 - महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी 17:51 - बेटे की चाह और भ्रूण हत्या के मुद्दे 23:58 - महिलाओं की आजादी और शिक्षा 28:55 - सरकार की policy और आम आदमी का जीवन 31:10 - कबीर दोहे और भजन 33:13 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने महिलाओं के प्रति हिंसा और समाज में उनके स्थान पर गहरी चर्चा की है। उन्होंने एक दुखद घटना का उदाहरण दिया, जिसमें एक पति ने अपनी गर्भवती पत्नी का पेट काट दिया, केवल यह जानने के लिए कि बच्चा लड़का है या लड़की। आचार्य जी ने इस घटना को केवल एक अपवाद नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त गहरी हिंसा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह हिंसा केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि मानसिक और सामाजिक भी है, जो महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह और भेदभाव के कारण होती है। आचार्य जी ने यह भी बताया कि समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने के लिए केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, बल्कि हमें अपने सोचने के तरीके में बदलाव लाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और अपने लिए निर्णय लेने में सक्षम होना चाहिए। प्रसंग: आज हिन्दू बेटियों को खतरा क्यों है? हिन्दू बेटियों को कैसे बचाया जाए? बेटियों को सबसे ज़्यादा खतरा किनसे है? क्या बेटियों को खतरा अपने ही घरवालों से नहीं? आज बेटी कहाँ सुरक्षित है? क्या आज की हिन्दू बेटियों को बचाया नहीं जा सकता? हिन्दू लड़कियों को सुरक्षा कैसे दें? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~