🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖➖➖ #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत वीडियो जानकारी: 30.04.2025, गीता समागम, ग्रेटर नोएडा Title: इस्लाम और आतंकवाद : समाधान तो है, हिम्मत चाहिए || आचार्य प्रशांत (2025) 📰 Source : https://docs.google.com/document/d/1QCigrvrEo5RLkzUWkdweRKHVIvs9HLyqdAW50NkhIHY/edit?usp=sharing 📋 Video Chapters 00:00 - Intro 01:30 - आतंक देखकर हताश हूँ 06:30 - कर्ज़ के साथ क्यों जी रहे हो? 10:44 - अतीत का खोखला गौरव 15:57 - बंदूक नहीं, ज्ञान चाहिए 20:35 - आर्थिक असमानता का गहरा असर 27:16 - कट्टरता का इलाज क्या? 32:28 - पाकिस्तान, जवाब दो! 38:55 - पहलगाम में मासूमों पर हमला 42:43 - भारत: सहिष्णुता की मिसाल 47:00 - मदरसों के बंद दरवाज़े 50:57 - सवाल पूछने की मनाही क्यों विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी एक मुस्लिम श्रोता की गंभीर उलझन का उत्तर दे रहे हैं, जो अपने समाज में पाखंड, हिंसा और परिवर्तन की कमी देखकर व्यथित है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि चाहे कोई भी धर्म या परंपरा हो, यदि हम केवल अतीत की पहचान में उलझे रहेंगे, तो वर्तमान को क्षति पहुँचेगी। समाधान हिंसा या द्वेष में नहीं, बल्कि शिक्षा, संवाद और आत्मचिंतन में निहित है। यह सत्र दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक शक्तियाँ, गरीबी, अज्ञान और ऐतिहासिक बोझ समाज में विभाजन उत्पन्न करते हैं। आचार्य जी भारत का उदाहरण देते हैं — जहाँ विविधता, संवाद और सहिष्णुता से हम सीखते हैं कि भय और हीनता से उत्थान संभव है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06