🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत वीडियो जानकारी: 31.03.2025, IIT-दिल्ली Title: भारत में कभी क्रांति क्यों नहीं हुई? अन्याय व शोषण के बावजूद? || आचार्य प्रशांत, IIT दिल्ली (2025) 📰 Source : https://docs.google.com/document/d/1q1YBkSXXZyPYSq9DipORSGvJpcC_U2IXvHOLeu27okA/edit?usp=sharing 📋 Video Chapters: 0:00 – Intro 01:00 – भीतर की क्रांति: हम कब जागेंगे? 05:27 – क्रांति को कुचलने वाली ताकतें 09:59 – परंपराओं की जंजीरें 15:01 – मनुस्मृति का छिपा हुआ असर 20:03 – लोकतंत्र का भ्रम 26:01 – हम बहुत जल्दी बिक जाते हैं 29:02 – भारत ने दुनिया को आत्मा दी 35:12 – क्या हमें सड़कों पर उतरना होगा? 39:00 – क्या संविधान हमें स्वतंत्र बनाता है? 42:33 – क्या गुरुकुल समाधान है? 44:29 – आचार्य जी राजनीति में कब आएँगे? 46:51 – Testimonial विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत जी भारतीय समाज में क्रांति के अभाव, चेतना की जड़ता और लोकतंत्र की सीमाओं पर निर्भीक चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति भीतर से ही शोषण को स्वीकार कर चुका हो, तो बाहरी क्रांति केवल एक दिखावा बनकर रह जाती है। भारत में धार्मिक रूढ़ियाँ और मान्यताएँ लोगों को भीतर से गुलाम बना देती हैं — और जहाँ चेतना झुकी हुई हो, वहाँ विद्रोह संभव नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान बाहरी स्वतंत्रता देता है, लेकिन भीतर के झूठ से मुक्ति केवल वेदांत से संभव है। यह संवाद एक भीतरी विद्रोह का निमंत्रण है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06