🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #AacharyaJi #StudentLife #TeacherResponse #SocialIssues #Resistance #SelfRespect #PhysicalFulfillment #PsychologicalFulfillment #LifeAdvice वीडियो जानकारी: 21.08.24, प्रश्नोत्तरी सत्र, गोवा जब महिला पर हमला हो, और महिला ही दोषी कहलाए || आचार्य प्रशांत (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 1:58 - प्रतिरोध का महत्व 12:15 - आचार्य जी का गुरु 13:25 - छोटी चीजों से छोटी उम्मीदें 18:14 - पैसे की सीमाएं 21:23 - पैसे का महत्व और उपयोगिता 22:41 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत ने समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के मामलों पर चर्चा की है। एक शिक्षिका ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे स्कूल में छात्र अश्लील टिप्पणियाँ करते हैं और उनके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जाती है। आचार्य जी ने इस स्थिति पर गहन विचार किया और बताया कि यह केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज की व्यापक समस्या है। वे यह भी बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति किसी महिला को छेड़ता है, तो यह उसके मानसिकता का परिणाम होता है, और हमें इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है। आचार्य जी ने यह सुझाव दिया कि हमें अपने विरोध को कायम रखना चाहिए और समाज में बदलाव लाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपनी पहचान को समझना चाहिए और यह जानना चाहिए कि हम केवल शरीर नहीं हैं, बल्कि हमारी चेतना और व्यक्तित्व भी महत्वपूर्ण हैं। प्रसंग: ~ लड़कियों को सतर्क रहने की ज़रूरत: समाज में क्या बदलाव लाना चाहिए? ~ लड़कियों के शोषण की सच्चाई: समाज की सोच और सजा ~ क्यों लड़कियों को बॉडी कॉन्सियस होना पड़ता है? ~ लड़कियों के खिलाफ शोषण: क्या है समाज की जिम्मेदारी? ~ लड़कियों की सुरक्षा: समाज और मीडिया की भूमिका ~ क्या लड़कियों का शोषण रोकने के लिए समाज में बदलाव की ज़रूरत है? ~ लड़कियों की सुरक्षा: पुरानी सोच और आधुनिक समाज ~ लड़कियों की देह पर हमले: समाज में सुधार की ज़रूरत ~ लड़कियों की सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी: एक विश्लेषण ~ लड़कियों को बॉडी कॉन्सियस बनाने वाली सोच: समाज की जिम्मेदारी संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~