📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #Tourism #Local Issues #Pollution #Noise Pollution #Uttarakhand #Environmental Impact #Economic Benefits #Local Employment वीडियो जानकारी: 04.05.24, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नॉएडा पृथ्वी नहीं खत्म हो रही, इंसान खत्म होगा || आचार्य प्रशांत (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 2:11 - ध्वनि प्रदूषण और पार्टी संस्कृति 9:36 - गंगा किनारे का शोर 19:54 - GDP और पर्यावरण (Climate Change) के मुद्दे 25:55 - कबीर दोहे और भजन 28:44 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और उसके प्रभावों पर चर्चा कर रहे हैं। वे बताते हैं कि कैसे स्थानीय लोग पर्यटन से लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही पर्यावरणीय समस्याएं और सामाजिक मुद्दे भी उत्पन्न हो रहे हैं। आचार्य जी ने यह भी बताया कि कैसे बाहरी पर्यटक, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से आने वाले लोग, पहाड़ी क्षेत्रों में शराब पीने, नशा करने और शोर मचाने के लिए आते हैं। इससे स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। वे यह भी बताते हैं कि स्थानीय लोग इस स्थिति का विरोध नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि कई परिवारों के सदस्य पर्यटन उद्योग से जुड़े हुए हैं। आचार्य जी ने सुझाव दिया कि स्थानीय मुद्दों को मीडिया में उठाना चाहिए और जनप्रतिनिधियों से मिलकर समाधान खोजने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही पहाड़ों की स्थिति में सुधार किया जा सकता है। ~~~~~ प्रसंग: ~ टूरिज्म के नाम पर चल रहे भोग को कैसे रोका जाए? ~ क्या टूरिज्म एक कारण है पर्वतों के बर्बाद होने का? ~ मनुष्य कैसे पृथ्वी को नर्क बना रहा है? ~ क्या मानव का अस्तित्व खतरे में है? ~ कैसे बढ़ता तापमान मार रहा है हमारी धरती को? ~ कैसे बचें अपने सर्वनाश से? ~ पर्यावरण नाश क्यों हो रहा है? ~ लोगों को कैसे जगाएं पर्यावरण संरक्षण की ओर? ~ जलवायु परिवर्तन एक विकट सामस्या क्यों है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~