🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #gita #bhagavadgita #krishna #MentalHealth #OvercomingWeakness #PersonalGrowth #MindsetShift #Karma वीडियो जानकारी: 24.08.23, गीता समागम, गोवा (गीता-17) ये क्या हालत बना ली है, ये ज़िम्मेदारी कहाँ से उठा ली?|| आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता (2023) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:28 - कर्म और बेचैनी 14:31 - कामना का जन्म ही दुख से होता है 23:38 - जगत के दो अर्थ हैं 30:24 - ये जगत हमारी ही छाया है 46:01 - जो हमें दिखाई देता है, वह एक धोखा है 54:17 - असली सुंदरता 1:01:24 - कामना हमेशा आत्मविश्वास के पीछे चलती है 1:7:42 - समापन विवरण: इस वीडियो में, आचार्य जी ने जीवन के कर्तव्यों और कामनाओं के बीच के संबंध पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि कैसे हमारी कामनाएँ हमारे कर्तव्यों को निर्धारित करती हैं और इस प्रक्रिया में हम अक्सर बेचैनी और हिंसा का अनुभव करते हैं। आचार्य जी ने यह भी बताया कि जब हम अपने कर्तव्यों को केवल कामनाओं से जोड़ते हैं, तो हमारा संबंध जगत से हिंसक हो जाता है। आचार्य जी ने अर्जुन का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चा कर्तव्य कामना से मुक्त होना चाहिए और करुणा से प्रेरित होना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि करुणा कर्तव्य आनंद का स्रोत है, जबकि कामना कर्तव्य केवल बाहरी संतोष की खोज में होता है। अंत में, आचार्य जी ने यह बताया कि अध्यात्म का उद्देश्य जगत के साथ एक सहज और सुंदर संबंध स्थापित करना है, जो केवल करुणा और आनंद के माध्यम से संभव है। प्रसंग: ~ श्रीकृष्ण के कर्त्तव्य कामना से नहीं आते तो फिर कहाँ से आते है ? ~ कामना कर्तव्य की निशानियाँ क्या है ? ~ हमारे कर्तव्य कहाँ से निकलते है ? ~ जगत से हमारा रिश्ता क्या है ? ~ सारा अध्यात्म किस बात की खोज है ? ~ हमारी सारी समस्याएं कहा से आती है ? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~