🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ वीडियो जानकारी: 24.04.2021, शास्त्र कौमुदी - लाइव, ग्रेटर नॉएडा, उत्तर प्रदेश, भारत Title: Tumhare bhi mann ki bhookh nahi mitati? || Acharya Prashant 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:02 - प्रकाश का महत्व 1:44 - प्रकाश और वस्तु का संबंध 4:30 - चेतना और संसार 9:34 - आत्मविश्वास और अंधविश्वास 12:30 - संसार और वैराग्य 16:35 - उद्देश्य और अस्तित्व 24:32 - आंतरिक भूख और तृप्ति 30:48 - त्याग और त्यागने की प्रक्रिया 33:22 - अहंकार और आत्मा 37:11 - साधना और अभ्यास 38:50 - स्वार्थ और संबंध 44:12 - सवाल और उत्तर 47:48 - डर और साहस 53:16 - डर को त्यागना 54:50 - समापन प्रसंग: नैहरवा हम का न भावे साई कि नगरी परम अति सुन्दर, जहाँ कोई जाए ना आवे चाँद सुरज जहाँ, पवन न पानी, कौ संदेस पहुँचावै दरद यह साई को सुनावै आगे चालौ पंथ नहीं सूझे, पीछे दोष लगावै केहि बिधि ससुरे जाऊँ मोरी सजनी, बिरहा जोर जरावे विषै रस नाच नचावे बिन सतगुरु आपनों नहिं कोई, जो यह राह बतावे कहत कबीर सुनो भाई साधो, सपने में प्रीतम आवे तपन यह जिया की बुझावे नैहरवा ~ गुरु कबीर ~ "नैहरवा हमका न भावे" कहने का क्या आशय है? ~ संत कबीर "नैहरवा" किसे बोल रहे? ~ संसार की हकीकत कैसे जाने? ~ हमारे मन की भूख क्या है? और वो कैसे मिटेगी? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~