🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant वीडियो जानकारी: 17.11.23, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नॉएडा किसी पर आश्रित नहीं रहेंगे, आज़ाद जिएँगे || आचार्य प्रशांत, बौद्ध दर्शन पर (2023) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 1:21 - प्रकृति और मानवता का संबंध 8:18 - किससे संबंध बनाएँ? 14:18 - हमे सहारा क्यों चाहिए? 24:01 - वृक्षों की संवेदनशीलता और हमारा जीवन 35:06 - प्रकृति के साथ एकत्व 45:33 - संसार के अनुभवों से मुक्ति 53:30 - मजबूती कोमलता के साथ आती है 1:05:44 - मुक्ति की पहचान 1:10:09 - दुनिया से कैसे खेले? 1:12:59 - कबीर साहब के दोहे और भजन 1:15:09 - समापन प्रसंग: चीज़ का होना एक बात है, चीज़ का अर्थवान होना बिलकुल दूसरी बात है रिश्ता ऐसे से बनाएँगे जो हमारे ग़लत रिश्तों से हमें दूर कर रहा हो स्वार्थ के लिए एक ही चीज़ भली है - जिसमें मेरा लाभ हो। रिश्ता सार्थक तभी है जब स्वार्थ न हो। जो मजबूती कोमलता के साथ न आए उसको मज़बूती नहीं, मृत कठोरता कहते हैं। संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~