🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #Prem Ki Shart #Bhakti Aur Prem #Prem Mein Mitna #Prem Aur Dooriyan #Prem Ka Ras#Ahankar Aur Prem #Prem Ki Pehchaan #Prem Ka Anubhav वीडियो जानकारी: 25.06.24, वेदांत संहिता, ग्रेटर नॉएडा प्रेम वहाँ पहुँचता है, जहाँ प्रेमी ही मिट जाता है || आचार्य प्रशांत (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 2:51 - प्रेम में मिटने की आवश्यकता 6:36 - प्रेम और मिलन 15:46 - प्रेम का रस और दूरी 18:52 - कबीर दोहे और भजन 20:13 - समापन ~~~~~ विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत प्रेम और उसके गहरे अर्थ पर चर्चा करते हैं। वे बताते हैं कि प्रेम केवल एक भावना नहीं है, बल्कि यह एक गहरा अनुभव है जिसमें प्रेमी को अपने अहंकार को मिटाने के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रेम में मिटने का अर्थ है कि प्रेमी को अपने प्रिय के साथ एकाकार होना चाहिए, और इसके लिए एक गहरी समझ और समर्पण की आवश्यकता होती है। आचार्य प्रशांत यह भी बताते हैं कि प्रेम का वास्तविक अनुभव तभी होता है जब हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ते हैं जिसमें हम पूरी तरह से लीन हो सकें। वे यह भी कहते हैं कि प्रेम में दूरी और विरह का अनुभव भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रेम के रस को बनाए रखता है। इसके अलावा, आचार्य प्रशांत यह स्पष्ट करते हैं कि प्रेम का अर्थ केवल भौतिक या सांसारिक प्रेम नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक अनुभव है जो हमें अपने भीतर की गहराइयों में ले जाता है। प्रेम का वास्तविक अर्थ तब समझ में आता है जब हम अपने अहंकार को छोड़कर एकता की ओर बढ़ते हैं। ~~~~~~ प्रसंग: ~ समाधि का अर्थ क्या होता है? ~ सहज-समाधि क्या है? ~ समाधि का अनुभव कैसा होता है? ~ समाधि कितने प्रकार की होती है? ~ निर्बीज समाधि क्या होती है? ~ समाधि की ओर कैसे बढ़ें? ~ अहम् दूर के लक्ष्यों की ओर आकर्षित क्यों होता है? ~ शून्यता का अनुभव कैसे करें? ~ समाधि का अर्थ क्या होता है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~