🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #gita #wisdom #gitaupdesh #mahabharat #shrikrishna #bhagavadgita #kamana #desire #mukti #karm #karma #krishna वीडियो जानकारी: 08.09.23, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा Title : (गीता-19) तुम हो ही नहीं (घातक सच, हल्के लोग न देखें) || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2023) 0:00 - Intro 1:05 - प्रकृति का खेल: कर्म करने वाला कौन? 9:18 - जड़ और चेतन: वास्तविक अंतर क्या है? 16:54 - कृष्ण का संदेश: तुम कुछ नहीं करते 23:08 - क्या विज्ञान संवेदनशील मशीन बना सकता है? 28:35 - शरीर, समाज और संयोग: असली मालिक कौन? 41:19 - जाति और धर्म: क्या यही हमारी असली पहचान है? 56:13 - वैराग्य का विज्ञान: वास्तव में हमारा क्या है? 1:03:56 - असली शोषण क्या और कैसा होता है? 1:13:58 - क्या नाम ही हमारी असली पहचान है? 1:20:43 - क्या हमारे दुःख का कोई वास्तविक अस्तित्व है? 1:29:27 - ‘तत्त्वमसि’ - तुम वही हो! श्रीकृष्ण की सीख 1:32:06 - भगवद गीता: कर्म योग (अध्याय 3, श्लोक 27) की व्याख्या 1:40:43 - ‘तुझे क्या मिला?’ - जीवन का सार 1:48:28 - शरीर और संयोग के खेल में फंसने से बचें 1:52:01 - समापन प्रसंग: ~ किस गति को कर्म नहीं बोला जा सकता? ~ क्या हम सब मशीन हैं? ~ क्यों लाखों करोड़ों में कोई एक इंसान होता है? ~ मुक्त इच्छा कहाँ संभव है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~