🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #Acharyaprashant #TruthWithoutApology #Culture #Sanskriti #Religion वीडियो जानकारी: 14.09.2025, ग्रेटर नोएडा Title: दलित महिला ने उठाया सवाल: सोने की थाली, कीचड़ का भोजन || आचार्य प्रशांत (2025) 📋 Chapters: 00:00 - Intro 01:11 - संस्कृति धर्म नहीं 12:09 - गौरवशाली इतिहास या भ्रम? 19:17 - एक शुभ समाचार 27:43 - अच्छी बच्ची मत बनो 35:42 - Testimonial विवरण: इस संवाद में एक शिक्षिका अपने जीवन के संघर्ष साझा करती हैं—कैसे प्रश्न पूछने, ढोंग और परंपरा को न मानने के कारण वह परिवार और समाज दोनों से अस्वीकार की गईं। उनके प्रश्न पर आचार्य प्रशांत जी बताते हैं कि भारत की सबसे बड़ी भूल यह है कि हमने संस्कृति को धर्म और दर्शन से ऊपर मान लिया है। वे स्पष्ट करते हैं कि संस्कृति केवल आदतें और मान्यताएँ हैं, जिन्हें सत्य का स्थान नहीं दिया जा सकता। दलितों और स्त्रियों के लिए इस तथाकथित संस्कृति में कुछ भी नहीं है सिवाय बंधनों और अपमान के। आचार्य जी का आह्वान करते हैं—अतीत से मुक्त होइए, उम्मीदें छोड़िए, और अपने जीवन का मार्ग निर्धारित कीजिए। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 ~~