🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ वीडियो जानकारी: शब्दयोग सत्संग , 22.04.2015, नॉएडा, भारत Title : मैं अपना दुख स्वयं हूँ || आचार्य प्रशांत, अवधूत गीता पर (2015) 📋 वीडियो अध्याय (Chapters) 00:00 – भूमिका (Intro) 00:22 – अवधूत गीता: दुख का मूल कारण – तुम ही हो 10:51 – भारत में अद्वैत क्यों? 20:44 – अपनी हालत क्या कर ली हमने? 31:07 – आनंद और निर्वाण एक हैं? 36:04 – ईमानदारी से जीवन को देखो 42:13 – जीवन असफलताओं की श्रृंखला है 49:39 – समापन प्रसंग: ~स्वरूप निर्वाणम् का क्या आशय है? ~अवधूत का क्या अर्थ है? ~अवधूत कौन हैं? ~क्या मैं अपना दुःख स्वयं हूँ? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~ श्लोक: स्वरूप निर्वाणम्