आचार्य प्रशांत संग लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें, फ्री ईबुक पढ़ें: https://acharyaprashant.org/grace?cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖➖➖ आचार्य जी से मिलने व ऑनलाइन सत्रों में भाग लेने के लिए यह फॉर्म भरें: https://acharyaprashant.org/hi/enquiry?cmId=m00021 फॉर्म भरने के बाद जल्द ही संस्था आपसे सम्पर्क करेगी। ये वीडिओ आचार्य जी की ऑनलाइन उपलब्ध 10,000 निःशुल्क वीडिओज़ में से एक है। ये निःशुल्क वीडिओज़ प्रतिदिन लाखों जीवन बदल रहे हैं। ज़रूरी है कि ये वीडिओज़ करोड़ों, अरबों लोगों तक पहुँचें। संस्था का काम सबके लिए है। अपने काम को ताकत दें और सच के प्रचार-प्रसार हेतु आर्थिक योगदान करें। आचार्य जी के हाथ मज़बूत करें, साथ आएँ: https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖➖➖ आचार्य प्रशांत के साथ जीवन बदलें: ⚡ डाउनलोड करें Acharya Prashant APP: https://acharyaprashant.org/app?cmId=m00021 यदि आप आचार्य प्रशांत की बात से और गहराई से जुड़ना चाहते हैं तो Acharya Prashant App आपके लिए ही है। यहाँ हैं निशुल्क, विज्ञापन-मुक्त और विशेष वीडियोज़ जो यूट्यूब पर नहीं डाले जाते। साथ में पोस्टर्स, उक्तियाँ, लेख, और बहुत कुछ! ⚡ गहराई से जीवन व ग्रंथों को समझें: https://acharyaprashant.org/hi/courses?cmId=m00021 यहाँ आप पाएँगे जीवन व अध्यात्म से जुड़े विषयों पर आचार्य जी के 200+ वीडिओ कोर्सेस। यहाँ आपको गीता, उपनिषद व संतवाणी जैसे आध्यात्मिक विषयों के साथ ही निडरता, मोटिवेशन, व्यक्तित्व जैसे सामान्य विषयों को सरल भाषा में समझने का अवसर मिलेगा। ⚡ आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ें: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 जीवन के हर पहलू को सरलता से समझें। राष्ट्रीय बेस्टसेलिंग सूची में गिनी जाने वाली ये पुस्तकें ईबुक व पेपर्बैक (हार्ड-कॉपी) दोनों संस्करणों में उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऐमज़ान व फ्लिपकार्ट आदि से भी ख़रीद सकते हैं। ➖➖➖➖➖➖ ⚡ आचार्य प्रशांत कौन हैं? अध्यात्म की दृष्टि कहेगी कि आचार्य प्रशांत वेदांत मर्मज्ञ हैं, जिन्होंने जनसामान्य में भगवद्गीता, उपनिषदों ऋषियों की बोधवाणी को पुनर्जीवित किया है। उनकी वाणी में आकाश मुखरित होता है। और सर्वसामान्य की दृष्टि कहेगी कि आचार्य प्रशांत प्रकृति और पशुओं की रक्षा हेतु सक्रिय, युवाओं में प्रकाश तथा ऊर्जा के संचारक, तथा प्रत्येक जीव की भौतिक स्वतंत्रता व आत्यंतिक मुक्ति के लिए संघर्षरत एक ज़मीनी संघर्षकर्ता हैं। संक्षेप में कहें तो, आचार्य प्रशांत उस बिंदु का नाम हैं जहाँ धरती आकाश से मिलती है! आइ.आइ.टी. दिल्ली एवं आइ.आइ.एम अहमदाबाद से शिक्षाप्राप्त आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। उनसे अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ें: फ़ेसबुक: https://www.facebook.com/Acharya.Prashant.Advait इंस्टाग्राम: https://instagram.com/acharya_prashant_ap ट्विटर: https://twitter.com/Advait_Prashant ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #kali #debt #debtfree #karz #freedom #guilt #guiltfree #consumption #gulami #ghulam #slavery #gunah वीडियो जानकारी: 22.08.23, अष्टावक्र गीता, गोवा Title : शान से बोलो: न गुनहगार हूँ, न कर्ज़दार हूँ, न खरीददार हूँ || आचार्य प्रशांत (2023) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:48 - दुनिया की चीज़ों से शांति क्यों नहीं मिलती? 5:03 - रामकृष्ण परमहंस और माँ काली की भक्ति 11:19 - ठसक के साथ जीवन कैसे जियें? 13:38 - गुनहगार, खरीदार और कर्ज़दार बने रहने के दुष्परिणाम 17:59 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने आत्मसम्मान, गरिमा और सही रिश्तों के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि जीवन में सच्चा आत्मसम्मान होना चाहिए और यह तभी संभव है जब हम अपने भीतर की आत्मा को पहचानें। आचार्य जी ने यह भी कहा कि बाहरी चीजों की खोज में भिखारी की तरह जीने से कोई लाभ नहीं है। आचार्य जी ने रामकृष्ण परमहंस का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने साकार (आकार) से निराकार (बिना आकार) की ओर बढ़ने की आवश्यकता को समझा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि साकार चीजों से चिपके रहने से चैन नहीं मिलता, और हमें अपने संबंधों को सही तरीके से स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा, आचार्य जी ने यह भी कहा कि रिश्तों में गुनहगार, कर्जदार और खरीददार की भूमिका नहीं होनी चाहिए। हमें एक-दूसरे के साथ प्रेम और सम्मान के साथ पेश आना चाहिए, न कि लेन-देन के दृष्टिकोण से। प्रसंग: ~ निराकार का क्या महत्त्व है? ~ रामकृष्ण परमहंस को भी क्यों माँ काली से आगे जाना पड़ा? ~ अध्यात्म क्या है? ~ देने की शर्त क्या है? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~