संस्था से संपर्क हेतु इस फॉर्म को भरें: http://acharyaprashant.org/enquiry?formid=201 या कॉल करें: +91- 9650585100/9643750710 आप अपने प्रश्न इस नम्बर पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं: +91-7428348555 ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत संग ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए: https://solutions.acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ आचार्य प्रशांत से मुलाकात हेतु, और उनकी जीवनी, कृतित्व, पुस्तकों, व मीडिया के लिए: https://acharyaprashant.org ~~~~~~~~~~~~~ इस अभियान को, और लोगों तक पहुँचाने में आर्थिक सहयोग दें: http://acharyaprashant.org/donate ~~~~~~~~~~~~~ वीडियो जानकारी: शब्दयोग सत्संग, 18.04.2015, अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा, भारत प्रसंग: ~धर्म को नशा क्यों कहा गया है? ~भारत में धर्म को लेकर इतना अंधविश्वास क्यों? ~धर्म का सही अर्थ क्या है? ~कौन सा धर्म सनातन धर्म है? ~क्या होश में जीना ही एक मात्र धर्म है? ~धर्म की प्रासंगिकता क्या है? ~इंसान को धर्म की आवश्यकता क्यों है? ~आज के मानव के लिए सच्चे अर्थों में धार्मिक होने के क्या मायने हैं? ~धर्म को कैसे समझें? ~आस्तिकता और नास्तिकता को कैसे समझें? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~~~