🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #mission #struggle #sangharsh #motivation #guidance #selfawareness #socialwork वीडियो जानकारी: 30.03.24, संत सरिता, ग्रेटर नॉएडा Title : राह में अंगारे हों या कीचड़ - मैं तुम तक आऊँगा ज़रूर || आचार्य प्रशांत (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:26 - सट्टेबाजी का काला सच और जीवन का संघर्ष 3:39 - संस्था का अथक प्रयास और शिक्षा का प्रचार 9:03 - संसाधनों का सही उपयोग 20:39 - मूर्खता के खिलाफ संघर्ष 25:23 - भजन 30:53 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने आत्मज्ञान, सट्टेबाजी, और व्यक्तिगत विकास के विषयों पर चर्चा की है। एक प्रश्न कर्ता ने बताया कि कैसे वह सट्टेबाजी में शामिल थे और कैसे उन्होंने आचार्य जी की शिक्षाओं के माध्यम से इस आदत को छोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके मित्र अभी भी उसी आदत में फंसे हुए हैं और वह उन्हें कैसे बचा सकते हैं। आचार्य जी ने बताया कि सच्चा परिवर्तन तभी संभव है जब व्यक्ति स्वयं प्रयास करे और अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए तैयार हो। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान व्यक्तिगत प्रयासों और सच्चाई के प्रचार से ही संभव है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हमें अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों को जागरूक करने के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिए और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करना चाहिए। प्रसंग: ~ किन मुद्दों पर दूसरों की नहीं सुनते? ~ कहाँ अड़ना उचित है? ~ किस बात पर सोचना नहीं चाहिए? ~ आध्यात्मिक व्यक्ति सही निर्णय कैसे करता है? ~ अगर सच्चा प्रेम है किसी से तो उस तक पहुँचने में जो करना पड़ेगा करेंगे ~ सच्चा प्रेम करते हो, तो कर्म से पीछे नहीं हटोगे ~ भारत अंधविश्वास और पाखंड में कैसे पड़ा? ~ भारत में युद्ध को हटाकर, समर्पण की बात करना क्यों उचित नहीं था? संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~